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बाल विवाह का मामला, पूर्व मंत्री समेत 4 बीजेपी नेताओं के खिलाफ मुकदमा

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की स्थानीय अदालत ने राज्य के पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक और चार स्थानीय बीजेपी नेताओं पर बाल विवाह निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
Author नई दिल्ली | September 25, 2017 13:52 pm
भारतीय जनता पार्टी का झंडा। (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की स्थानीय अदालत ने राज्य के पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक और चार स्थानीय बीजेपी नेताओं पर बाल विवाह निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला इन लोगों पर राज्य की एक नाबालिग आदिवासी लकड़ी की शादी कराने के आरोप में दर्ज हुआ है। इसके साथ ही साथ अदालत ने इन सभी को 12 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने के लिए समन भी भेजा है।  बता दें कि पूर्व मंत्री और चार स्थानीय भाजपा नेताओं के खिलाफ बाल विवाह निरोधक अधिनियम की धारा 10 और 11 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के पूर्व आदिम जाति कल्याण मंत्री हरिशंकर खटीक सहित भाजपा के चार नेताओं के खिलाफ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योदवेंद्र सिंह ने जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी। यादवेंद्र की याचिका पर ही जिला न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अमर सिंह सिसोदिया ने इन पांच लोगों को समन भेजा है। यह मामला करीब पांच साल पुराना है। जानना दिलचस्प है कि इन नेताओं पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत नाबालिग लड़की की शादी एक शादीशुदा व्यक्ति के कराने का आरोप है।

गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार के ऊर्जा मंत्री पारस जैन पर घोटाला करने का आरोप लगा है। आरोप कांग्रेस की ओर से ही लगाया गया है। पारस जैन ने बेटी और बहू की कंपनी को अपने मंत्रालय का 180 करोड़ रुपए का ठेका दिलवाया है। हालांकि, मंत्री और उनके परिवार का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। ऊर्जा विकास निगम ने सोलर प्लांट लगाने के लिए 180 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रेक्ट ऊर्जा मंत्री पारस जैन की बेटी और बहू की कंपनी इनफिनिटी एनर्जी सोल्युशन को दिया था। पारस जैन मध्य प्रदेश के बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं। उनकी बेटी स्वाति और बहू पूजा इनफिनिटी एनर्जी सोल्युशन नाम की कंपनी चलाती हैं। यह कंपनी सोलर एनर्जी के क्षेत्र में काम करती है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा विकास निगम ने छत पर सोलर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए जून 2016 में टेंडर निकाले थे। इसके बाद जुलाई 2016 में इनफिनिटी एनर्जी सोल्युशन को सेल्स टैक्स टिन मिला था। मंत्री पर आरोप है कि उनके दबाव की वजह से टेंडर आवेदन जमा कराने की तारीख दो बार बढ़ाई गई थी, ताकि इनफिनिटी एनर्जी सोल्युशन भी इस टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो सके।

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