मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिरमौर जिला के नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि सरकारी विभागों में तीसरी श्रेणी के पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 फीसद आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे। उन्होंने पुलिस विभाग में महिला उप निरीक्षक की विशेष भर्ती करने, नाहन चिकित्सा कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपए देने तथा महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पीजी कॉलेज नाहन में अगले सत्र से एमएससी भूगर्भ शास्त्र, एमबीए और एमए इतिहास की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की।

महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है और राज्य सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति जिला की पूरी प्रशासनिक कमान महिलाओं के हाथ में है। जिला सिरमौर के साथ-साथ जिला हमीरपुर की उपायुक्त भी एक महिला अधिकारी हैं जो प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से बेटियों की विवाह की आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष किया गया है। विधवाओं के पुनर्विवाह को भी राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि को 65 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपए किया गया है। पुलिस की भर्ती में 30 फीसद में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन अगले वर्ष से देने पर विचार किया जाएगा।

सात लाख रुपए का मुआवजा प्रदान किया

सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने नियमों को बदलकर मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की। प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के घरों के पुनर्निर्माण के लिए सात लाख रुपए का मुआवजा प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, जबकि पूरा प्रशासनिक अमला लोगों की मदद के लिए लगा हुआ था। जब आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक बहिर्गमन कर गए। वर्ष 2025 में आपदा के दौरान भी प्रदेश सरकार ने प्रभावितों को राहत दी, जबकि भाजपा के सांसद चुप रहे। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी परंतु आज भी यह पैसा प्रदेश के लोगों को नहीं मिला।