दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित डीडीए ग्राउंड में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) ने 36वें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026 आयोजित किया। जन्माष्टमी के दूसरे दिन आध्यात्मिकता, कला, तकनीक और निस्वार्थ सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के उपदेशों और दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान व दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी के द्वारा समाज हित में किए जा रहे आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यों की सराहना की।

कृष्ण जन्मोत्सव की दी बधाई

उन्होंने कहा, ‘आप सबको मेरी ओर से कृष्ण जन्मोत्सव की ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं। मैं सच में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को अपनी ओर से बधाई देती हूं, शुभकामनाएं देती हूं कि सालों से यह भक्ति की, अध्यात्म की ज्योति आपने जिस तरीके से लोगों के बीच में जला के रखी है, यह आज का कार्यक्रम भी उसी का उदाहरण है और जितनी बार भी मैं आपके कार्यक्रमों में आती हूं, मेरे मन में प्रेम और श्रद्धा और बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा,”मैं तो मानती हूं कि कृष्ण एक विचार हैं, एक दर्शन हैं जो हजारों सालों से हम सभी का मार्गदर्शन कर रहे हैं। कभी धर्म की बात हो, कभी कर्म की बात हो, कभी सत्य की बात हो, तो केवल उनका मार्गदर्शन काम आता है। कभी सखा के रूप में, तो कभी गुरु के रूप में, प्रभु का यह दर्शन सदियों तक हमारा मार्गदर्शन करेगा। तीन विचार जो प्रभु कृष्ण ने कहे हैं- एक कर्म का, एक धर्म का और तीसरा प्रेम व मानवता का। आज जो प्रेम और मानवता का भाव प्रभु कृष्ण ने दिया है, मुझे लगता है आज के समय में उसका और भी अधिक महत्व बढ़ गया है। तो आज का यह त्योहार प्रेम का त्योहार है, मानवता का त्योहार है, कर्म का त्योहार है, और धर्म की विजय का त्योहार है; अन्याय पर न्याय की विजय का त्योहार है। आप सभी कृष्ण भक्तों को मेरी ओर से ढेर सारी बधाई, ढेर सारी शुभकामनाएं। प्रभु कृष्ण की जय-जयकार करते हुए आप सबका अभिवादन।”

एआई पवेलियन रहा आकर्षण आधुनिक

इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण आधुनिक ‘एआई एक्सपीरियंस पवेलियन’ रहा, जिसे श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित एक इंटरैक्टिव यात्रा के रूप में तैयार किया गया था। इस क्षेत्र में एआई-संचालित होलोग्राम, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) जोन, अनामोर्फिक विजुअल्स और डिजिटल बूथ स्थापित किए गए थे। गोवर्धन चैलेंज में श्रद्धालुओं ने जेस्चर-कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल करके प्रतीकात्मक रूप से गोवर्धन पर्वत उठाया, जबकि स्लिंगशॉट मटकी फोड़ में एक बड़े गुलेल और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से डिजिटल लत, क्रोध और आलस्य जैसी युवाओं की आधुनिक समस्याओं को प्रतीकात्मक रूप से तोड़ा गया।

इसके अलावा, सेल्फी विद कृष्ण और फेस-स्वैप फोटोबूथ जैसे प्रयोगों ने युवाओं को बाहरी सोशल मीडिया दिखावे से परे जाकर अपनी वास्तविक पहचान तलाशने की प्रेरणा दी।

मीरा के विरह से लेकर कृष्ण जन्मोत्सव तक

कार्यक्रम के समापन मीराबाई के भक्ति भाव को दर्शाते लोकनृत्य प्यारे दरसन दीजो और जन्मोत्सव के उल्लास से भरे ब्रज में ढोल बजाओ के साथ हुआ। इसके बाद धन्यवाद ज्ञापन और मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती के साथ दो दिवसीय इस भव्य महोत्सव का समापन हुआ।