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अभी से 2019 का दबाव झेल रहे हैं योगी आदित्‍यनाथ, कर द‍िया लगभग असंभव ऐलान!

19 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वह 150 घंटे में 50 आदेश दे चुके हैं।

Author Updated: March 27, 2017 3:46 PM
यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ। (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पद संभाले अभी एक हफ्ता ही हुआ है, लेकिन उनके फैसलों की पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा है। चाहे वह अवैध बूचड़खानों पर बैन लगाना हो या एंटी-रोमियो स्क्वॉड का गठन करना। 19 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वह 150 घंटे में 50 आदेश दे चुके हैं। यूपी विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 312 सीटें मिली हैं। इनमें उन इलाकों की सीट भी शामिल हैं, जहां मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा है। यकीनन बीजेपी के सामने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने का दबाव होगा और साथ ही 2019 के लोकसभा चुनावों में फिर से सत्ता में लौटने की चुनौती भी। एेसे में योगी आदित्यनाथ वह सब कर रहे हैं, जिससे वह यूपी की जनता के दिलों में अपनी एक अलग इमेज बना सकें। उनके एंटी-रोमियो अभियान को प्रदेश की महिलाएं और लड़कियां काफी पसंद कर रही हैं। उन्होंने इसे अपना पूरा सपोर्ट दिया है। लेकिन सवाल उठता है कि वादों को पूरा कराने और बीजेपी के सत्ता में फिर से लौटने की चाहत के चलते कहीं योगी आदित्यनाथ एेसे आदेश न दे बैठें, जो पूरी तरह अव्यावहारिक हो।

रविवार को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में थे, तो उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, अगले दो साल बिना थके काम करना है। जो लोग 18-20 घंटे तक काम नहीं कर सकते, वही उनसे जुड़ सकते हैं। बाकी बचे लोग जा सकते हैं। लेकिन अगर सीएम की बात पर ही गौर किया जाए तो उनकी बात बेतुकी ही लगती है। अगर 24 घंटों में से कोई शख्स 18 या 20 घंटे काम करेगा तो उसके पास 4 या 6 घंटे ही बचेंगे, जिसमें या तो वह सोएगा, घर के काम करेगा या परिवार के साथ वक्त बिताएगा।

दोनों ही काम इतने कम घंटों में नामुमकिन ही लगते हैं। दूसरी ओर सीएम के आदेशों को राज्य की पुलिस ही समझने में नाकाम हो रही है। सीएम ने जब एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन करने का आदेश दिया था तो उसके बाद पुलिस वाले बेवजह कपल्स को भी परेशान करने लगे। रेस्तरां में आपसी सहमति से बैठे कपल्स को पकड़ा जाने लगा। जबकि आदेश मनचलों को पकड़ने का था। बाद में सीएम को आदेश देना पड़ा कि कपल्स को बेवजह परेशान न किया जाए।

इसके अलावा अवैध बूचड़खानों पर रोक के आदेश पर यूपी पुलिस मीट शॉप पर ताले लगवाने पहुंच गई। एक हफ्ते में ही यूपी की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है। चारों तरफ योगी आदित्यनाथ के ही चर्चे हैं। रामगोपाल वर्मा ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें पीएम बनना चाहिए। कहीं एेसा न हो कि सस्ती लोकप्रियता पाने के चक्कर में योगी आदित्यनाथ के फैसले अव्यावहारिक हो जाएं और सूबे की जनता को वह बेतुके लगने लगें। पीएम नरेंद्र मोदी के बाद उनसे भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए अजीब फैसले लेने के बजाय उन्हें वह काम करने चाहिए, जिससे उनका सबका साथ-सबका विकास का नारा पूरा हो सके।

पीएम मोदी ने यूपी के सांसदों से कहा- "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोई सिफारिश न करें", देखें वीडियो ः

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