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नीतीश कुमार के घर डिनर पर बीजेपी नेताओं के पहुंचने से गर्माई बिहार की सियासत, फिर लगे NDA से करीबी के कयास

बिहार विधानमंडल के बजटीय सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के एक अणेमार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर दोनों सदनों के सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था।

BSSC Paper Leak news, BSSC Paper Leak Latest news, Nitish Kumar BSSC, Nitish Kumar news, Nitish Kumar latest news, Nitish Kumar BJP, BSSC CBI Probeबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इन दिनों बीजेपी के साथ नजदीकियों के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पटना में अपने आवास पर एक आधिकारिक भोज का आयोजन किया था, जिसमें बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बीजेपी गठबंधन से 20 साल पुराना गठबंधन खत्म करने के बाद यह पहला मौका है, जब बिहार के मुख्यमंत्री ने बीजेपी नेताओं को भोज पर आमंत्रित किया हो। इससे बिहार का सियासी माहौल और गर्मा गया है और उनके फिर से एनडीए गठबंधन से उनकी नजदीकियों के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस भोज में सब लोग नहीं पहुंचे थे। पार्टी के दो वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार और नंद किशोर यादव इस आयोजन का हिस्सा नहीं थे।

वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी नीतीश के मेहमान बने। इस दावत में शामिल होने को लेकर अपनी दलील पेश करते हुए मोदी ने कहा कि यह दावत किसी विशिष्ट दल को नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के सभी सदस्यों को दी है इसलिए इसको लेकर पार्टी व्हिप जारी नहीं किया जा सकता। यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि वे जाएं या नहीं। बता दें कि बिहार विधानमंडल के बजटीय सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के एक अणेमार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर दोनों सदनों के सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था।

लालू नहीं थे शामिल: इस आयोजन में नीतीश कुमार के खास लालू प्रसाद यादव मौजूद नहीं थे, क्योंकि वह विधायक नहीं हैं। लेकिन उनके बेटे तेजस्वी और तेज प्रताप इस समारोह में शामिल हुए थे। दोनों ही बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली उनकी कोई खास छाप नहीं दिखती। वहीं उनकी मां और बिहार विधान परिषद् में पार्टी विधायक दल की नेता राबड़ी देवी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री के अलावा पार्टी और विपक्षी दलों के सदस्य मौजूद थे। लालू के करीबियों के मुताबिक बिहार में ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद तेजस्वी यादव को सार्वजनिक आयोजनों में वह पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार हैं।

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