मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी दो सालों में प्रदेश के विभिन्न विभागों में करीब 1 लाख नियमित शासकीय पदों पर भर्ती किए जाने की घोषणा की है। पदोन्नति से खाली हुए पदों को चरणबद्ध रूप से भरते हुए प्रत्येक विभाग का वार्षिक भर्ती कैलेंडर तैयार किया जाएगा और भर्ती एजेंसियों के माध्यम से समयबद्ध चयन प्रक्रिया की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध भर्ती व्यवस्था ही युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने का आधार है। इसलिए राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय, तकनीक आधारित और अभ्यर्थी हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधारों का निर्णय लिया है। इन सुधारों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को स्पष्ट दिशा मिलेगी और भर्ती प्रक्रिया अधिक सरल, सुरक्षित और समयबद्ध होगी। उन्होंने कहा कि ये व्यापक सुधार प्रतिभाशाली युवाओं को निष्पक्ष अवसर प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ मिलेगा कठोर दंड
भर्ती परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संबंधी विशेष कानून बनाया जाएगा। इसके तहत पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, डिजिटल माध्यम से नकल, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) और संगठित परीक्षा अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड, आर्थिक दंड, संपत्ति कुर्की और त्वरित जांच व अभियोजन की व्यवस्था की जाएगी।
समान पात्रता वाले पदों के लिए एक परीक्षा
अभ्यर्थियों को बार-बार एक जैसी परीक्षाओं में शामिल होने की जरूरत समाप्त करने के लिए समान पात्रता वाले पदों के लिए साल में केवल एक संयुक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके नंबर के आधार पर विभिन्न विभागों में भर्ती की जाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मध्यप्रदेश विशेष अनिवार्य खंड
प्रदेश की प्रशासनिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक समझ को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी सामान्य ज्ञान आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं में “मध्यप्रदेश विशेष” का पृथक अनिवार्य खंड शामिल किया जाएगा, जिसमें न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा।
शासकीय अध्ययन सामग्री पर आधारित होंगे सामान्य ज्ञान के प्रश्न
भर्ती परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान का पेपर मुख्य रूप से एनसीईआरटी, मध्यप्रदेश बोर्ड की पाठ्यपुस्तकों, मुक्त विद्यालय, मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी, जनसंपर्क विभाग के प्रकाशनों और शासन की अधिकृत वेबसाइटों पर आधारित अध्ययन सामग्री से तैयार किए जाएंगे, जिससे अध्ययन सामग्री को लेकर भ्रम समाप्त होगा।
त्रुटिरहित पेपर और समयबद्ध आंसर-की
पेपर में त्रुटिपूर्ण या विवादित पेपर की संभावना खत्म करने के लिए बहु-स्तरीय विशेषज्ञ समीक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। प्रत्येक पेपर का पूर्व परीक्षण किया जाएगा, ऑनलाइन आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएंगी और विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित समय-सीमा में संशोधित आंसर-की जारी की जाएगी।
एकीकृत भर्ती मोबाइल ऐप बनाया जायेगा
प्रदेश के सभी भर्ती बोर्डों एवं आयोगों की सेवाओं को एकीकृत करते हुए समर्पित भर्ती मोबाइल ऐप बनाया जाएगा। इसमें वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR), आवेदन, दस्तावेज अपलोड, प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र की जानकारी, लाइव नोटिफिकेशन, उत्तर कुंजी, आपत्ति दर्ज करने की सुविधा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन, नियुक्ति संबंधी जानकारी तथा शिकायत पंजीकरण जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
नए नियम लागू होने पर मिलेगा 5 माह का समय
अगर किसी भर्ती के नियमों, पाठ्यक्रम या परीक्षा पद्धति में परिवर्तन किया जाता है, तो संशोधित नियम प्रकाशित होने और परीक्षा आयोजित होने के बीच अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए कम से कम पाँच माह का समय दिया जाएगा, जिससे सभी को समान अवसर मिल सके।
मॉडल पेपर और फ्री मॉक टेस्ट होंगे उपलब्ध
प्रत्येक भर्ती परीक्षा से पहले विस्तृत पाठ्यक्रम, परीक्षा योजना, प्रश्नों का स्तर, अंक वितरण और मॉडल पेपर सार्वजनिक किए जाएंगे। साथ ही अभ्यर्थियों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए फ्री ऑनलाइन मॉक टेस्ट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
अत्याधुनिक तकनीक से होगी परीक्षा सुरक्षा
पेपर निर्माण से लेकर मूल्यांकन तक संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया में सरकारी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में डिजिटल एन्क्रिप्शन, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन और AI आधारित संदिग्ध गतिविधि विश्लेषण जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ लागू की जाएंगी।
स्वतंत्र शिकायत निवारण तंत्र से बढ़ेगी पारदर्शिता
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एवं प्रभावी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे, उसकी स्थिति ट्रेक कर सकेंगे और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यक मामलों में स्वतंत्र जांच की व्यवस्था भी रहेगी।
सामान्य ज्ञान का आधिकारिक प्रश्न बैंक होगा जारी
सामान्य ज्ञान विषय के लिए आधिकारिक पेपर बैंक पहले ही पब्लिश किया जाएगा और उसी पेपर बैंक में उपलब्ध प्रश्नों में से निर्धारित संख्या के प्रश्न वास्तविक परीक्षा में शामिल किए जाएंगे। इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, अध्ययन की दिशा स्पष्ट होगी और तथ्यात्मक विवादों की संभावना कम होगी।
