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छोटेपुर के बाद अब पाठक घिरे स्टिंग में

स्टिंग में घिरे पंजाब आप के पूर्व संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर को पद से हटाए जाने के बाद गुरुवार को सामने आए एक और आॅडियो स्टिंग से पार्टी में तब हड़कंप मच गया जब पार्टी की ही वित्त समिति के पूर्व समन्वयक हरदीप सिंह किंगरा ने संकेत दिया...

Author चंडीगढ़ | September 2, 2016 12:34 AM
स्टिंग में घिरे पंजाब आप के पूर्व संयोजक सुच्चा सिंह

स्टिंग में घिरे पंजाब आप के पूर्व संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर को पद से हटाए जाने के बाद गुरुवार को सामने आए एक और आॅडियो स्टिंग से पार्टी में तब हड़कंप मच गया जब पार्टी की ही वित्त समिति के पूर्व समन्वयक हरदीप सिंह किंगरा ने संकेत दिया कि राष्ट्रीय संगठन निर्माण के प्रमुख दुर्गेश पाठक के एक एजंट ने उनके साथ साथ मुलाकात के नाम पर एक वालंटियर से पांच लाख रुपए मांगे।

छोटेपुर के नजदीकी किंगरा वही शख्स हैं, जिन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव में आप प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने से एक दिन पहले आप से इस्तीफा दे दिया था और उन्होंने यह आॅडियो मीडिया में जारी कर दिया, जिसमें दुर्गेश पाठक के नजदीकी एजंट अमरीश त्रिखा को समराला के वालंटियर परमजीत सिंह ढिल्लों को बार-बार यह कहते हुए सुना जा रहा है कि दुर्गेश से मुलाकात का बंदोबस्त कराने के लिए पांच लाख रुपए लगेंगे। बता दें कि ढिल्लों कांग्रेस नेता व बड़े शराब व्यापारी अमरीक सिंह ढिल्लों के ही भतीजे हैं।

ढिल्लों ने जनसत्ता से चर्चा में बताया कि उन्होंने वह बातचीत रेकॉर्ड कर ली थी, पर उन्हें तारीख याद नहीं और कहा कि उन्होंने कोई रकम नहीं दी। गुरुवार को यहां जारी एक बयान में आप की ओर से कहा गया है कि वह इस आॅडियो की भी जांच कराएगी और उसमें यदि कुछ भी गलत पाया गया तो दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। पार्टी ने अमरीश त्रिखा को भी इस पर रुख स्पष्ट करने को कहा। जब इस पर बात करने की कोशिश की गई तो त्रिखा का फोन बंद मिला।

आॅडियो स्टिंग में त्रिखा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि चेक की बजाय नकद ज्यादा मुनासिब रहेगा और अगर एक से ज्यादा लोग दुर्गेश पाठक से मिलना चाहें तो उन्हें भी पांच-पांच लाख रुपए ही देने होंगे। यहां तक कि त्रिखा को उनसे पांच लाख रुपए का बकाया भी अदा करने के लिए कहते सुना जा सकता है, जो एक पूर्व मुलाकात का बकाया है। किंगरा का कहना है कि यह आॅडियो दो घंटे का है और उन्होंने
इसका संपादन करके उसे छोटा कर दिया। यह मुलाकात अरसा पहले हुई थी और त्रिखा ने ढिल्लों को मोबाइल फोन दुर्गेश पाठक के कमरे में नहीं लेकर जाने दिया था, पर ढिल्लों ने चालाकी से अपना एक और मोबाइल फोन रेकॉर्डिंग मोड में लगाकर जेब में छिपाया था।

इधर, पार्टी के सांसद भगवंत मान का कहना है कि किंगरा ने आप में कदम रखा ही टिकट पाने की मंशा से था, पर नाकाम रहने के बाद अब उनके सुर बदल गए हैं। मान ने कहा कि इन आरोपों की जांच कराई जाएगी क्योंकि आप अब भी अपने उस रुख पर कायम है, जिसमें वह भ्रष्टाचार को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने वाली।

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