मिसाल है छत्तीसगढ़ की विधानसभाः ब्रिटेन जैसा है यहां का नियम, जल्द ही लोकसभा में लागू करने की तैयारी

देश की विधानसभाओं में अनुशासनहीनता के बीच छत्तीसगढ़ का यह नियम काबिलेतारीफ है। जल्द ही इसे लोकसभा में भी लागू किए जाने की तैयारी है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा (फोटोः आधिकारिक वेबसाइट)

जनप्रतिनिधियों की तरफ से विधायिका के भीतर शर्मनाक हरकतों का सिलसिला कई प्रदेशों की विधानसभाओं से लेकर संसद भवन तक चलता रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की विधानसभा का यह नियम देश के बाकी सदनों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है। छत्तीसगढ़ में सदन की कार्यवाही के नाम पर कई अच्छे रिकॉर्ड हैं। यहां का एक नियम जल्द ही संसद के निम्न सदन यानी लोकसभा में भी लागू करने की तैयारी है।

अनुशासन के मामले में ब्रिटेन की बराबरी

छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में यदि को ई सदस्य नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक जाता है तो उसके स्वतः निलंबन का प्रावधान है। ऐसा ही नियम ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमंस में भी है। उल्लेखनीय है कि इस नियम को लोकसभा में भी लागू करने की तैयारी है। आमतौर पर संसद में कई बार गर्भगृह तक जाकर हंगामा करने के दृश्य देखने को मिलते हैं। वहां भी कई बार स्पीकर की तरफ से कार्रवाई की जाती है लेकिन ऐसा कोई तयशुदा प्रावधान नहीं है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नाम ये रिकॉर्ड

– पांच साल में 22,889 सवाल पूछकर विधायकों ने रिकॉर्ड बनाया है।

– छत्तीसगढ़ की विधानसभा में अब तक 400 से ज्यादा विधेयक पारित हुए हैं। वहीं 2000 में इसी के साथ बने उत्तराखंड में यह आंकड़ा 382 और झारखंड में 303 तक ही पहुंचा है।

– विधायकों को तकनीक से जोड़कर विधायकों को आईटी फ्रेंडली बनाने की शुरुआत भी सबसे पहले 2005 में यहीं पर हुई थी।

– प्रश्नकाल की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है।

– छत्तीसगढ़ की विधानसभा में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस ऑफ एशिया एंड इंडिया रीजन में पहली बार कामकाज की भाषा के तौर पर हिंदी का इस्तेमाल हुआ था।

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