ताज़ा खबर
 

त्रिपुरा का फार्मूला छत्तीसगढ़ में अपना रही बीजेपी, बूथ लेवेल तक ऐसे हो रहा मैनेज

सूत्रों के मुताबिक सोशल मीडिया टीम अलग-अलग विधान सभा क्षेत्रों में 100-100 व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ रही है। टीम में हर तरह के लोगों को शामिल किया गया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने छत्तीसगढ़ में लगातार चौथी बार विधान सभा चुनाव जीतने के लिए त्रिपुरा फार्मूले को अपनाया है। इसके लिए पार्टी ने वहां सोशल मीडिया की टीम बनाई है जो राज्य के सभी 90 विधान सभा क्षेत्रों में काम करेगी। रणनीति के तहत बीजेपी का फोकस बूथ लेवेल पर टीम बनाकर मतदाताओं को व्हाटसएप ग्रुप से जोड़ना है और मोदी सरकार, रमन सिंह सरकार की उपलब्धियों से उन्हें अवगत कराना है। ग्रुप में लोगों को बीजेपी की नीति और विचारधारा के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जाएगा। सोशल मीडिया टीम नए मतदाताओं पर विशेष जोर देगी। यह टीम पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बैठेगी जिसकी मॉनिटरिंग पार्टी की आईटी सेल के पदाधिकारी करेंगे। राज्य में करीब एक लाख 20 हजाल मतदाता पहली बार वोट देंगे। इनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है। इनके लिए अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक सोशल मीडिया टीम अलग-अलग विधान सभा क्षेत्रों में 100-100 व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ रही है। टीम में हर तरह के लोगों को शामिल किया गया है। खासकर युवा सदस्य युवाओं की समस्याओं पर चर्चा करेंगे। पार्टी ने सोशल मीडिया टीम में डॉक्टर, इंजीनियर, कलाकार और अन्य प्रोफेशनल्स को जोड़ा है। सोशल मीडिया की टीम फीडबैक भी लेगी। विधान सभा स्तर पर मिलने वाले फीडबैक प्रदेश स्तर की टीम को भेजी जाएगी। यह टीम समस्या के निराकरण पर भी काम करेगी। सोशल मीडिया की टीम कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप और दुष्प्रचार का भी जवाब देगी। इसके लिए टीम ने अलग-अलग विधान सभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग फेसबुक पेज बनाया है।

बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी ने हर विधान सभा क्षेत्र में आईटी सेल की टीम तैनात की थी और गांव स्तर पर व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप बनाया था। सोशल मीडिया के इन दोनों प्लेटफॉर्म पर आईटी सेल के लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के विजन और मिशन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई थी। इतना ही नहीं पार्टी ने इसके जरिए उम्मीदवारों के चयन में भी आमलोगों से फीडबैक लिया था। चुनावों के समय मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने में भी सोशल मीडिया टीम ने बड़ी भूमिका निभाई थी। त्रिपुरा में रणनीति गांव स्तर तक सीमित थी लेकिन बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में उसे बूथ लेवेल तक पहुंचाया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App