ताज़ा खबर
 

छत्तीसगढ़: IPS राजकुमार देवांगन को भारत सरकार ने किया कंपलसरी रिटायर

18 साल पहले डकैतों की मदद करने के मामले में छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस राजकुमार देवांगन को यह सजा मिली है।

Author रायपुर (छत्तीसगढ़) | January 12, 2017 7:57 PM
भारत सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति।

भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस राजकुमार देवांगन को गुरुवार (12 जनवरी) को कंपलसरी रिटायरमेंट दे दिया। राजकुमार को अब पेंशन आदि सरकारी सुविधाओं की कोई पात्रता नहीं रहेगी। राजकुमार 92 बैच के आईपीएस हैं। उनके बैच के पवनदेव और अरुणदेव गौतम हाल ही में प्रमोट होकर एडीजी बने हैं। राजकुमार के खिलाफ डीजी जेल गिरधारी नायक जांजगीर डकैती कांड की विभागीय जांच कर रहे थे। राजकुमार जब जांजगीर में एसपी थे तब बाराद्वार में डकैती हुई थी। स्कूल के शिक्षकों के वेतन लेकर जा रहे हेडमास्टर से कुछ लोगों ने पैसे लूट लिए थे। इस मामले में बाराद्वार के थानेदार नरेंद्र शर्मा बाद में पकड़ गया था। उसके घर से डकैती के रुपए बरामद हुए थे। शर्मा कई महीने जेल में रहा। उस डकैती में एसपी की सलिप्तता सामने आई थी। थानेदार ने भी पूछताछ में एसपी का नाम लिया था। जिसके बाद उन्हें राजकुमार सस्पेंड कर दिया गया था। पिछले दस साल से उनकी विभागीय जांच चल रही थी।

वैसे, बोस्निया में पोस्टिंग के दौरान भी वहां वे तय समय से अधिक समय तक रह गए थे। यही नहीं, उन पर गंभीर आरोप लगे कि वहां अपने मुफ्त में मिले फोन से वे पैसा लेकर इंटरनेशनल कॉल करवाते हैं। इसकी जांच के बाद भारत सरकार ने उनके खिलाफ एक्शन भी लिया था।

यह था मामला:

18 साल पहले डकैतों की मदद करना छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस राजकुमार देवांगन को भारी पड़ा

केंद्र सरकार के आदेश पर उन्हें राज्य सरकार ने नौकरी से निकाला

1998 में जांजगीर में 65 लाख की डकैती हुई थी, उस वक्त राजकुमार देवांगन थे जांजगीर के एस.पी.

इस मामले में राजकुमार देवांगन पर डकैतों की मदद करने के आरोप लगे थे आरोप

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X