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कोरोना: नरेंद्र मोदी के इस एक कदम से रुक सकता था लाखों मजदूरों का पलायन- बोले छत्‍तीसगढ़ के सीएम

Coronavirus in India: आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में अभी तक कोरोना वायरस के सात मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य में इस बीमारी से अभी किसी मरीज की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल।

Coronavirus in India: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि लाखों मजदूरों के पलायन से बचा जा सकता था अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में लॉकडाउन की घोषणा से पहले राज्य सरकारों से सलाह लेते। उन्होंने अंग्रेजी अखबार द हिंदू को दिए साक्षात्कार में ये बात कही। सीएम ने कहा कि कौन लॉकडाउन लागू करता है? क्या केंद्र सरकार अपने दम पर ऐसा कर सकती है? इसका जवाब है ना। लॉकडाउन लागू करना आखिरकार राज्य सरकार का काम होता है। तो क्या प्रधानमंत्री ने देश में बंदी लागू करने से पहले राज्यों सरकारों से बात की थी? नहीं।

आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में अभी तक कोरोना वायरस के सात मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य में इस बीमारी से अभी किसी मरीज की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ 21 मार्च को देश में लॉकडाउन की घोषणा करने वाले पहले राज्यों में से एक था, जबकि पीएम मोदी ने इसके तीन दिन बाद देशभर 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी। सीएम बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार को यह अनुमान लगाया जाना चाहिए कि एक बार लॉकडाउन लागू होने के बाद बड़ी तादाद में लोग जीविका अर्जित करने में सक्षम नहीं होंगे और जाहिर है कि वो उन स्थानों का रुख करेंगे जहां वो अधिक सुरक्षित महसूस करते थे। हम एक गंभीर आर्थिक संकट की तरफ जा रहे हैं।

Coronavirus in India LIVE Updates in Hindi

कांग्रेस शासित प्रदेश के सीएम बघेल ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सभी कुशल और अकुशल मजदूर कारखाने छोड़कर जा चुके हैं। सभी उद्योगों की रफ्तार में कमी आ गई है। मैं कोई अर्थशास्त्री नहीं हूं मगर हम निश्चित रूप से आने वाले सालों में इस लॉकडाउन के आर्थिक प्रभाव को देखेंगे। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री सीतारमण के 26 मार्च के आर्थिक पैकेज से लाभ नहीं लेने वालों तक पहुंचने के लिए दूसरे आर्थिक पैकेज की जरूरत थी।

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बता दें कि हाल में पीएम मोदी को लिखे पत्र में सीएम बघेल ने सुझाव दिया था कि एक हजार रुपए अगले तीन महीने तक मनरेगा और असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के खाते में डाले जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला जन धन खाता धारकों को 500 के बजाय 750 रुपए दिए जाने चाहिए और इस योजना में पुरुषों को भी शामिल किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ के सीएम ने कहा कि आर्थिक संकट को रोकने का एकमात्र तरीका वित्तीय तरलता को कम करना और उपभोक्ता की क्रय शक्ति को बढ़ाना है। केंद्र सरकार को इस दिशा में तेजी से बढ़ना होगा।

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