ताज़ा खबर
 

बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के बस्तर की महिलाओं ने की शराबबंदी की मांग, नशा मुक्ति के लिए बना रही हैं महुए का लड्डू

इन लडडूओं की बात करें तो संतोषी का कहना है कि यह लडडू कई बीमारियों से निजात पाने में सहायता करते हैं साथ ही ये लडडू लोगों की शराब छुड़वाने का काम भी करते हैं।

Representative Image

छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला अक्सर नक्सली गतिविधियों की वजह से चर्चा में रहता है। वहां शराब बनाने का कारोबार भी जोर-शोर से किया जाता है। शराब की वजह से बस्तर के कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। इसी वजह से बस्तर के दरभा में महिलाओं ने फैसला किया है कि वे शराब की वजह से और परिवारों को बर्बाद नहीं होने देंगी। इसके मद्देनजर महिलाओं ने महुए से बनने वाली शराब को छोड़ महुए के लड्डू बनाने का फैसला किया है। इन महिलाओं की चाहत है कि वो अपने इस नए कदम से बस्तर को एक नई पहचान दें और बस्तर को शराबमुक्त बनाएं।आपको बता दें कि इस काम को करने की शुरुआत संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 25 किलो मीटर दूर कामानार इलाके में रहने वाली बी.ए की एक छात्रा ने की है। इस छात्रा का नाम संतोषी है।

इस काम को शुरु करने में संतोषी को पहले कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन जैसे-जैसे संतोषी के साथ महिलाएं जुड़ती गईं तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता गया। संतोषी का कहना है कि ये लड्डू कई बीमारियों से निजात दिलाने में सहायता करते हैं। साथ ही ये लड्डू लोगों की शराब छुड़वाने का काम भी करते हैं। लड्डू बनाने वाली महिलाओं के इस ग्रुप में अभी 10 महिलाएं शामिल हैं। ये सभी महिलाएं अपने घरों का काम खत्म करने के बाद लड्डू बनाने का काम करती हैं।

देश में नशा करने वालों की तदाद काफी बढ़ चुकी है। इसे रोकने के लिए कई राज्य सरकारों ने ठोस कदम भी उठाए हैं। वहीं इस बीच शराब से मुक्ति पाने के लिए बस्तर की महिलाएं काफी जागरूक दिखाई दे रही हैं। नशे जैसी बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए महिलाओं ने जो कदम उठाया है यह बहुत ही सराहनीय है। इससे लोगों को शराब से छुटकारा तो मिलेगा ही साथ ही उनकों लड्डू बनाने के काम के जरिए रोजगार भी मिलेगा।

गौरतलब है कि बिहार में भी महिलाओं की पहल और मांग पर ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी अभियान की शुरुआत की थी। साल 2015 के विधान सभा चुनावों में प्रचार के दौरान महिलाओं ने नीतीश कुमार से शराबबंदी की अपील की थी। इसके बाद चुनाव जीतकर फिर से मुख्यमंत्री बनने पर अपने सात निश्चय में नीतीश कुमार ने शराबबंदी को एक अहम निश्चय मानते हुए उसके लिए कठोर कानून बनाया। पिछले साल 1 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी है। उनकी पहल का असर अब कई राज्यों में भी दिखने लगा है। कई जगह शराबबंदी की मांग उठ रही है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 जंगल में जमीन के अंदर हो रही थी हलचल, मिट्टी हटाई तो निकला जिंदा इंसान!
2 शराब के नशे में धुत ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने युवक से की बदसलूकी, भीड़ जुटी तो मारने पर हुए उतारू
3 छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग फेल, 10 महीने में मौत की नींद सो गए 494 नवजात