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बिलासपुर के ‘सरकारी’ शेल्टर होम में सेक्स रैकेट! महिलाओं ने लगाया रेप का आरोप

उज्जवला घर में रहने वाली 20 साल की एक महिला ने बताया "मैं उनसे विनती करती रही कि वे मुझे मेरी 8 महीने की बेटी के पास घर जाने दें। लेकिन उनलोगों ने मेरे साथ गाली-गलौज की, मुझे मारा और दुर्व्यवहार किया।

Author नई दिल्ली | Updated: January 21, 2021 8:59 AM
Chhattisgarh shelter home abuse, Bilaspur sexual abuse case, Bilaspur sexual abuse, shelter home girls, sexual abuse, Bilaspur shelter homeउज्जवला घर चलाने वाले एनजीओ शिव मंगल शिक्षण समिति के कर्मचारियों ने महिलाओं का यौन शोषण किया।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ‘सरकारी’ शेल्टर होम में सेक्स रैकेट का मामला सामने आया है। यहां महिलाओं को बंदी बनाकर उनके साथ बलात्कार और अत्याचार किया जा रहा था। उज्जवला घर में रहने वाली 20 साल की एक महिला ने बताया “मैं उनसे विनती करती रही कि वे मुझे मेरी 8 महीने की बेटी के पास घर जाने दें। लेकिन उनलोगों ने मेरे साथ गाली-गलौज की, मुझे मारा और दुर्व्यवहार किया।

20 वर्षीय सहित तीन महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उज्जवला घर चलाने वाले एनजीओ शिव मंगल शिक्षण समिति के कर्मचारियों ने न केवल महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उनका यौन शोषण भी किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कर्मचारी एक सेक्स रैकेट चला रहे थे।

उज्जवला महिला और बाल विकास मंत्रालय के तहत केंद्र प्रायोजित योजना है। इसके तहत महिलाओं को संरक्षण और उनका सशक्तिकरण किया जाता है। शिव मंगल शिक्षा समिति की 2019-20 की ऑडिट रिपोर्ट से पता चलता है कि इसे 14.59 लाख रुपये का डब्ल्यूसीडी मिली थी।

महिलाओं और उनके परिवारों ने पुलिस से संपर्क किया लेकिन अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उन्हें धमकी दी गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। अज्ञात लोगों के खिलाफ जमानती धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज होने के तीन दिन बाद, पुलिस ने अभी तक कोई मेडिकल परीक्षण नहीं कराया है।

बुधवार को, उन्होंने बिलासपुर रेंज के आईजी रतन लाल डांगी को संबोधित एक और आवेदन दिया। आवेदन में उज्जवला घर के कर्मचारियों द्वारा धमकी के साथ शारीरिक और यौन शोषण के उदाहरणों का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने कहा कि महिलाओं के बयान गुरुवार को जिला मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जाएंगे।

एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा “हमने कोई मेडिकल टेस्ट नहीं करवाया क्योंकि महिलाएं ऐसा नहीं चाहतीं थी। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कहा कि उन्होंने यौन अपराधों के बारे में सुना है लेकिन पीड़ित होने से इनकार किया है। हम जांच कर रहे हैं। यदि महिलाएं कहती हैं कि उन्हें हिंसा का शिकार होना पड़ा, तो हम इसकी जांच करवाएंगे।”

शिव मंगल शिक्षण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मौर्य से संपर्क किए जाने पर उन्होंने आरोपों से इनकार किया। उन्होंने पुलिस पर एक महिला के परिवार पर अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए शिकायत भी दर्ज कराई है। मोर्या ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया “महिला और बाल विकास विभाग ने एक टीम बनाई है और अधिकारी हमारे सभी रिकॉर्डों को चेक कर रहे हैं। ये महिलाएं झूठ बोल रही हैं और उनके पास उनके द्वारा कही गई किसी भी बात का कोई सबूत नहीं है। हम पुलिस द्वारा लाई गई महिलाओं को अपने साथ रखते हैं।”

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