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छत्तीसगढ़: रमन सिंह ने मानी एंटी इनकम्बेंसी की बात, कहा- नक्सलवाद खत्म न कर पाने की रहेगी टीस

एक इंटरव्यू के दौरान रमन सिंह ने माना कि उनसे सरकार विरोधी लहर को समझने में चूक हुई। उनके मुताबिक नक्सलवाद पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा पाने की टीस उनके मन में रह गयी है।

रमन सिंह। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

हाल ही में समाप्त हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को बड़ी जीत मिली है। कांग्रेस ने यहां 15 सालों से सत्ता पर काबिज बीजेपी की रमन सरकार को करारी शिकस्त दी थी। प्रदेश की 90 सीटों में से बीजेपी को 68 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इस हार की समीक्षा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दैनिक भास्कर के इंटरव्यू में माना कि उनसे सरकार विरोधी लहर को समझने में चूक हुई। इस दौरान उन्होंने जनता का मूड भांपने में हुई चूक को स्वीकार किया। रमन सिंह के मुताबिक नक्सलवाद पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा पाने की टीस उनके मन में रह गयी है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पिछले 15 सालों से रमन सिंह बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री के पद पर थे। लेकिन इस बार के विधानसभा चुनावों में पार्टी को अनुमानों के उलट चौंकाने वाले परिणाम मिले। बीजेपी को राज्य में 90 में से 68 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। बीजेपी की इस करारी हार पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि हमे ऐसी हार की उम्मीद नहीं थी। हम अपने कामों की बदौलत चौथी बार सत्ता में आने की तयारी कर रहे थे लेकिन जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया। उन्होंने मिली हार में बीजेपी की चूक से ज्यादा कांग्रेस के वादों को जिम्मेदार बताया।

बीजेपी सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी पर बोलते हुए रमन सिंह ने कहा कि बिना एंटी इनकम्बेंसी के ऐसा परिणाम नहीं आता। उन्होने इसे समझने नाकाम होने की बात कबूल की। प्रदेश में 12 में से 8 मंत्री चुनाव हार गए थे। इस पर उनका कहना था कि जब ऐसी विरोधी लहर हो तो सभी का योगदान तो होगा ही। अफसरशाही पर अंकुश नहीं लगा पाने के कारण चुनाव में मिली हार को उन्होंने नकार दिया और कहा कि अफसर सरकार के लिए ही काम करते हैं। ऐसे में यह मानना गलत है कि उनके कारण चुनाव हार गए।

विधनसभा चुनाव में मिली हार के बाद रमन सिंह ने कहा कि केंद्र की राजनीति में जाने के बारे में नहीं सोचा है। उन्होंने कहा कि मैंने प्रदेश में दोबारा काम शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं से मिल कर पार्टी का काम कर रहा हूं। बकौल रमन सिंह चुनाव के दूसरे दिन से ही हम लोगों ने अपना काम प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी आराम नहीं होता हमे रोज जनता के बीच रहना होता है। बसपा-जोगी गठबंधन के मिले-जुले असर की बात कही। साथ ही बताया कि जीत-हार में कई फैक्टर होते हैं और बसपा-जोगी गठबंधन उनमें से एक है।

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