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छत्तीसगढ़ : नान घोटाले पर CM बघेल ने रमन सिंह को घेरा, ट्वीट में लिखा- डॉक्टर साहेब से न गाय संभली, न गवर्नेंस

छत्तीसगढ़ में हुए नान घोटाले को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘‘डॉक्टर साहेब से न तो गाय संभली और न गवर्नेंस। अभी तो हमने पिछली की फाइलों से थोड़ी धूल झाड़ी है और चीख-पुकार शुरू हो गई। यह बदलाव-पुर है।’’

Author Published on: January 10, 2019 7:55 AM
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में हुए नान घोटाले को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘‘डॉक्टर साहेब से न तो गाय संभली और न गवर्नेंस। अभी तो हमने पिछली की फाइलों से थोड़ी धूल झाड़ी है और चीख-पुकार शुरू हो गई। यह बदलाव-पुर है। यहां सबके साथ न्याय होगा। चाहे वो जंगलों में काम करने वाला आदिवासी हो या राजधानी के दफ्तर में बैठकर कोई काम करने वाला।’’ बता दें कि नान घोटाले की जांच के लिए बघेल सरकार ने एसआईटी गठित की है। इस मामले की जांच उन्हीं आईजी एसआरपी कल्लूरी को दी गई है, जिन्हें विपक्ष में रहते वक्त बघेल ने विवादित अफसर कहा था।

गौर से सुन रहे हैं विपक्ष की बात : सीएम बघेल ने कहा कि मैंने विपक्ष की बात गौर से सुनी है। मुझे उम्मीद थी कि उनकी आंखों से पश्चाताप के स्वर निकलेंगे। दुर्भाग्य है कि ऐसा नहीं हो रहा। उनके तेवर आज भी वही हैं। हमारी सरकार महज 20 दिन पहले बनी है। इसके बावजूद लगातार सवाल हो रहे हैं कि घोषणाएं कब पूरी होंगी, कैसे होंगी? आप धीरज रखो। अभी घोषणा-पत्र के 9-10 बिंदु पूरे किए हैं। बाकी भी जरूर करेंगे।

रमन सिंह ने भी किया पलटवार : पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने बघेल के इस ट्वीट पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘बघेल सरकार ने ऐसे आदमी के कहने पर एसआईटी बनाई, जो खुद इस मामले में मुख्य आरोपी है। नई सरकार जान-बूझकर बदलापुर की राजनीति कर रही है। एसआईटी का गठन करने वाले किसे बचाना चाहते हैं। इसकी जांच मैंने कराई है। लोकायुक्त से बड़ी कोई एजेंसी नहीं। उसकी जांच में करोड़ों की राशि जब्त हुई थी और दर्जनों गिरफ्तारियां भी हुईं।

बघेल ने कल्लूरी को बताया था विवादित अफसर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रमुख रहते वक्त भूपेश बघेल खुद कल्लूरी को विवादित अफसर कहते थे। साथ ही, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। राज्य में सत्ता बदलने के बाद पीएचक्यू से मुख्यधारा में लाकर आईजी कल्लूरी को ईओडब्लू-एसीबी में पोस्टिंग दी गई। अब उन्हें एसआईटी चीफ बना दिया गया। ऐसे में भूपेश सरकार अब कल्लूरी को लेकर बीजेपी के निशाने पर है।

इन पॉइंट्स पर होगी जांच : नान घोटाले की जांच जून 2014 से फरवरी 2015 के बीच हुई है। अब इसके पहले के कार्यकाल को भी शामिल किया जाएगा। इनमें शिवशंकर भट्‌ट की डायरी, केके बारीक की डायरी और संपत्ति की विवेचना, गिरीश शर्मा की संपत्ति की विवेचना, त्रिनाथ रेड्‌डी के संपत्ति की विवेचना, जीतराम यादव के घर में मिले 36 लाख की विवेचना, अरविंद ध्रुव की संपत्ति की विवेचना जैसे पॉइंट्स शामिल हैं।

 

तीन माह में रिपोर्ट सौंपेगी टीम : एसआईटी 3 महीने में उन 11 बिंदुओं पर जांच करेगी, जिन्हें पहले की जांच में अधूरा माना गया। सोमवार को ही ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में नान घोटाले की सुनवाई को एसआईटी जांच पूरी होने तक स्थगित करने का आवेदन दिया। ईओडब्लू-एसीबी के अफसरों के छापे और जांच के बाद साढ़े आठ करोड़ का नान घोटाला सामने आया था। पूरी जांच और दर्जनों लोगों के बयान के बाद मैनेजर शिव शंकर भट्ट और उसके पीए सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया गया। वहीं, दो आईएएस अफसरों डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को भी आरोपी बनाकर पूरक चालान पेश किया गया था।

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