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छत्तीसगढ़: बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर

नारायणपुर में एक घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगल की आड़ लेकर वहां से भाग गए।
Author रायपुर | September 26, 2016 13:48 pm
प्रतीकात्मक चित्र

छत्तीसगढ़ के उग्रवाद प्रभावित बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को मार गिराया गया। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) एसआरपी कल्लुरी ने कहा, ‘नारायणपुर जिले में दो कट्टर माओवादी मार गिराए गए और एक अन्य विद्रोही आज (सोमवार, 26 सितंबर) तड़के पड़ोसी कोंडागांव जिले में मारा गया।’ महानिरीक्षक ने कहा कि जिला आरक्षी समूह (डीआरजी) ने इस सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया कि शोभी के नेतृत्व में माओवादियों की कंपनी (संख्या छह) की पलटन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के जवानों को निशाना बनाने के लिए नारायणपुर में झारा पुलिस शिविर की ओर आ रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने यहां से करीब 400 किलोमीटर दूर बंसपाल एवं तोइनार जंगलों के निकट उस मार्ग पर घात लगाई, जिसका नक्सलियों के दल द्वारा झारा की ओर आते समय इस्तेमाल करने की सूचना मिली थी।

कल्लुरी ने कहा, ‘घटनास्थल पर पहुंचने पर करीब 20 सशस्त्र माओवादियों को सुरक्षा बलों की मौजूदगी का एहसास हो गया और उन्होंने पुलिस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।’ उन्होंने कहा कि नारायणपुर में एक घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगल की आड़ लेकर वहां से भाग गए। महानिरीक्षक ने बताया कि तलाश के दौरान घटनास्थल से दो माओवादियों के शव मिले जिनकी पहचान बीजापुर के मद्देड निवासी तिरुपति उर्फ आकाश और नारायणपुर के धौदाई के रमेश के रूप में की गई है। उन्होंने इस अभियान को सुरक्षा बलों के लिए ‘शानदार’ सफलता बताते हुए कहा, ‘वे दोनों माओवादियों की कंपनी छह के सक्रिय उग्रवादी थे।’

अधिकारी ने कहा, ‘घटनास्थल से खून के निशान एवं घसीटे जाने के निशान मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मुठभेड़ में और अधिक नक्सली मारे गए हैं या घायल हुए हैं लेकिन उनके साथी उन्हें साथ ले जाने में सफल रहे।’ घटनास्थल की तलाशी में हथियार एवं नक्सलियों का अन्य सामान भी मिला है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद वहां से भागे उग्रवादियों का पता लगाने के लिए अतिरिक्त सेना भेजी गई है। इस बीच कोंडागांव के मर्दापाल पुलिस थाने के वनक्षेत्र में सुरक्षा बलों के संयुक्त दल एवं नक्सलियों के बीच गोलीबारी के बाद ‘वर्दी’ पहने एक अन्य विद्रोही का शव मिला।

महानिरीक्षक ने कहा कि पिछले सप्ताह कुडुर गांव में एक मुठभेड़ में शामिल नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने पर डीआरजी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के संयुक्त बल ने अभियान शुरू किया था। उस मुठभेड़ में पुलिस का एक जवान शहीद हो गया था। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से माओवादी के शव के अलावा 12 बोर की एक बैरेल की बंदूक, एक मजल लोडिंग बंदूक, एक पाइप बम, एक ग्रेनेड, बटनों के साथ बिजली की तारें, बस्ते, नक्सलियों का साहित्य, जिंदा कारतूस, रेडियो और रोजमर्रा का सामान बरामद किया गया।

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