चेन्नई का न्यूयार्क स्क्वायर बना ‘पेडेस्ट्रियन अनफ्रेंडली प्लेस, दो महीने पहले हुआ था उद्घाटन

प्लाजा के स्ट्रीट वेंडर रोजाना पुलिस के साथ 'लुका-छिपी' का खेल खेलते हैं। आभूषण बेचने वाले एक विक्रेता ने कहा कि पुलिस स्ट्रीट वेंडरों को शाम के समय दुकानों के बाहर अपने सामान बेचने की अनुमति नहीं देती है।

Author चेन्नई | January 25, 2020 8:09 PM
चेन्नईचेन्नई का पेडेस्ट्रियन प्लाजा (फोटो सोर्स- शिवानी रामाकृष्णन इंडियन एक्सप्रेस)

शिवानी रामाकृष्णन
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के न्यूयार्क स्क्वायर नाम से प्रसिद्ध पांडी बाजार के पैदल यात्री प्लाजा का उद्घाटन हुए अभी दो महीने से थोड़ा अधिक ही हुआ है, लेकिन वहां पर स्ट्रीट वेंडरों ने कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। इसका उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने नवंबर में जनता की खुशी के लिए किया था। दिसंबर और जनवरी के बीच त्यौहारों के मौसम में प्लाजा में आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ गई थी। विशाल फुटपाथ और पार्किंग सुविधाओं के साथ तैयार पैदल यात्री प्लाजा ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (जीसीसी) के प्रसिद्ध प्लेटफ़ॉर्म शॉप कीपर्स बिज़नेस कॉम्प्लेक्स को रास्ता देने के लिए लोकप्रिय शॉपिंग हब की सड़कों से वेंडरों को हटा दिया था।

पुलिसकर्मी दिनभर भगाते रहते हैं: हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में वेंडरों ने दिन में अपने माल को दिखाने के लिए पैदल यात्री प्लाजा के फुटपाथों पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। प्लाजा के पास तैनात पुलिसकर्मी वेंडरों को फटकार कर भगाते हैं। उन्हें अपनी दुकान बिजनेस कॉम्पलेक्स में ले जाने को कहते हैं, लेकिन वेंडर कुछ देर गायब रहने के बाद थोड़ा आगे फिर दुकाने लगा लेते हैं।

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पुलिस ने कहा वेंडर अपनी जीविका की बात कह हटने नहीं देते: पैदल यात्री प्लाजा में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम वेंडरों को निर्देश देते हैं कि वे फुटपाथों पर अपने माल को प्रदर्शित न करें। उनमें से ज्यादातर वहां से हट जाते हैं और फिर अगले दिन वापस आ जाते हैं। जब हम उन्हें फिर से छोड़ने के लिए कहते हैं तो वे हमसे विनती करते हैं, कहते हैं कि यह हमारी आजीविका है। कृपया हमें अपना व्यवसाय किसी तरह करने दें, इसलिए हम उन्हें कुछ घंटों के लिए बेचने देते हैं और फिर उन्हें हटने के लिए कहते हैं।”

वेंडर रोजाना पुलिस के साथ ‘लुका-छिपी’ का खेल खेलते हैं: प्लाजा के स्ट्रीट वेंडर रोजाना पुलिस के साथ ‘लुका-छिपी’ का खेल खेलते हैं। प्लाजा के साथ आभूषण बेचने वाले एक विक्रेता ने कहा कि पुलिस स्ट्रीट वेंडरों को शाम के समय पैदल यात्री प्लाजा में दुकानों के बाहर अपना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देती है। उसने बताया, “जब हम पुलिस को आते हुए देखते हैं, तो दूर चले जाते हैं और फिर जब वे चले जाते हैं तो वापस लौट जाते हैं। पांडी बाजार में एक लोकप्रिय रिटेल स्टोर के बाहर एक फूल विक्रेता ने कहा कि वह और उसके दोस्त डरकर अपने माल बेचते हैं। “हर शाम, पुलिस एक जीप में प्लाज़ा पर गश्त करती है, इसलिए हम अपने माल को फुटपाथ पर छिपा देते हैं। यदि पुलिस हमारे माल को देखती है, तो हमें खाली करने के लिए कहेगी हम उनके जाने का इंतजार करते हैं और फिर व्यवसाय करने लगते हैं।”

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