हिरोइन, नेता की पत्नी से लेकर 109 साल की दादी तक को डेट कर चुके हैं चेन्‍नई के सुंदर, 365 का रखा है टारगेट

चेन्नई के सुंदर रामू (Suder Ramu) अबतक 335 महिलाओं के साथ डेट कर चुके हैं। उनकी लिस्ट में एमके स्टालिन की पत्नी समेत कई हिरोइन और बुजुर्ग महिला तक शामिल है।

sunder raju dating
डेट पर सुंदर राजू (फोटो- @sunderramu365mealdates)

अभी तक आपने तरह-तरह के जुनून और जुनूनी लोग देखे होंगे। किसी को घूमने का जुनून होता है तो किसी को गाड़ी रखने का, लेकिन चेन्नई के एक शख्स को डेट करने का जुनून है। इसके लिए बकायदा उसने टारगेट भी फिक्स कर रखा है।

चेन्नई के सुंदर रामू (Sunder Ramu) ने 2015 से डेट पर जाने का प्लान बनाया और इसके लिए नंबर भी तय कर दिया। पिछले कुछ सालों में वह कुल 335 डेट पर गए हैं। हालांकि अभी भी वो अपने तय किए गए 365 डेट से 30 कदम दूर हैं। डेट के लिए रामू ने नियम भी बना रखा है। महिलाओं को उनसे पूछना होगा, योजना बनानी होगी, जगह चुननी होगी और सबसे महत्वपूर्ण बात, खाने के लिए भुगतान भी उन्हें ही करना होगा।

इस तरह शुरू हुआ डेट्स का सिलसिला

सुंदर का 365 महिलाओं के साथ डेट पर जाने का विचार महिलओं की अपेक्षा से काफी अलग है। रामू का कहना है कि वो अपने जीवन में “हमेशा प्यार की तलाश में रहते हैं”। उनका मिशन प्यार को खोजना नहीं है, बल्कि देश में सामाजिक मुद्दों और भारत में महिलाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना इस डेट का हिस्सा है।

बंगलौर में जन्मे, सुंदर रामू (Sunder Ramu) एक बहुत ही आगे की सोच वाले परिवार से आते थे, जिसमें कोई लैंगिक भेदभाव नहीं था और जहां महिलाओं के साथ सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता था। बाद में वे लोयोला कॉलेज में विजुअल कम्युनिकेशन में अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए चेन्नई चले आए।

सुंदर ने बताया कि बंगलौर से चेन्नई जाना और वास्तविक दुनिया में कदम रखना मेरे लिए एक बहुत बड़ा शॉक था। मैंने देखा कि हमारे समाज में लिंग भेद की जड़ें कितनी गहरी हैं। दिल्ली गैंगरेप ने मुझे झकझोर दिया। मेरी कई रातों की नींद हराम रही। मैंने महसूस किया कि अगर लोग ही लोगों की परवाह नहीं करते हैं, तो वे जलवायु परिवर्तन, या जानवरों के मुद्दों की भी परवाह नहीं करेंगे।

यहां से आया आइडिया

सुंदर ने यह भी याद किया कि कैसे हर बार जब वो विदेश यात्रा करते थे, तो लोग भारत को उस देश से जोड़ देते थे जहां महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार होता है। तब सुंदर ने फैसला किया कि वह जागरूकता पैदा करके समाज में बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। हम अक्सर यह सोचकर समस्या को दूर कर देते हैं कि इसे ठीक करना गैर सरकारी संगठनों या सरकार का काम है।”

संदर ने कहा- “तभी मेरे दिमाग में 365 मील डेट्स का आइडिया आया। मैंने महिलाओं से मिलने और इसके बारे में बातचीत शुरू करने का फैसला किया। 365 के महत्व के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि आप बदलाव लाना चाहते हैं, तो आपको हर दिन उस पर काम करना होगा, ठीक उसी तरह जैसे आप हर दिन खाते और काम करते हैं।

सुंदर ने फेसबुक पर 31 दिसंबर 2014 को 365 डेट्स की योजना के बारे में फेसबुक पर बताया था। उनकी पहली डेट 1 जनवरी 2015 को अपने एक करीबी दोस्त के साथ हुई थी। उन्होंने बताया- “मेरे दोस्त ने मुझे दोपहर के भोजन के लिए बुलाया और मेरे लिए खाना बनाया। हमारे पास इतना अच्छा समय था और मुझे उन चीजों के बारे में पता चला जो मैं पहले नहीं जानता था, इतने लंबे समय से उसे जानने के बावजूद”।

डेट्स पर जाते समय सुंदर तीन नियमों का पालन करते हैं। वह लड़की को कभी नहीं बताते हैं कि डेट का क्या कारण है। लड़की को जगह तय करनी होगी, और बिल का भुगतान भी उसे ही करना होगा। उन्होंने कहा- “हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां एक पुरुष जब महिला के साथ बिल का भुगतान करता है तो वह शक्तिशाली महसूस करता है। हमेशा से मानना ​​रहा है कि डेट्स के दौरान हमेशा पुरुषों को ही आगे रहना चाहिए। मैं उस स्टीरियोटाइप को तोड़ना चाहता था।

हिरोइन से लेकर बुजुर्ग महिला तक को किया डेट

सुंदर रामू (Sunder Ramu) के लिए पहली 20 डेट्स उसके दोस्तों के साथ थीं। मीडिया द्वारा कवरेज मिलने के बाद उन्होंने और ध्यान आकर्षित किया। उन्हें “सीरियल डेटर” और “डेटिंग किंग” कहा जाने लगा। सुंदर के लिए, उम्र, पेशा, जाति और सामाजिक-आर्थिक स्तर डेटिंग के लिए कोई मायने नहीं रखता। उन्हें कोई भी डेट कर सकता है।

एक्ट्रेस श्रिया सरन, डांसर रुक्मणी विजयकुमार और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पत्नी दुर्गा स्टालिन से लेकर सुंदर 109 साल की दादी और 90 साल की नन तक सबके साथ डिनर डेट पर गए हैं। सुंदर ने पेरिस, वियतनाम, स्पेन, फ्रांस, अमेरिका, थाईलैंड और श्रीलंका सहित कई देशों की महिलाओं को डेट किया है।

किसी के पास जाना और उनसे पूछना कि क्या वे आपके साथ डेट पर जाएंगी, अगर वे भोजन के लिए भुगतान करेंगे, तो यह आसान नहीं है। खासकर तब जब एक 60 साल की महिला खुद चेन्नई में तरबूज का जूस बेचकर अपना जीवन यापन कर रही हो।

सुंदर ने कहा- “जब मैं उस महिला के पास गया और उसे मुफ्त में जूस देने के लिए कहा, तो वह शुरू में मुझ पर हंस पड़ी। मुझे उसे इस बात के लिए राजी करने में कुछ समय लगा, लेकिन एक बार उसने ऐसा कर लिया, तो बातचीत बहुत अच्छी रही।”

उन्होंने चेन्नई में एक कॉन्वेंट में एक 90 वर्षीय आयरिश नन सिस्टर लोरेटो के साथ भी मील डेट्स किया। वो भी पहली ही मुलाकात में। हालांकि उन्हें लगता है कि उनकी सभी डेट्स में खास थी, 109 वर्षीय दादी के साथ डेट्स, जिनका दो साल पहले निधन हो गया। उन्होंने कहा- “भले ही मैं उन्हें पहले से जानता था, लेकिन यह पहली बार था, जब मैंने उनके साथ इतना समय अकेले बिताया था और हमारी बातचीत हमेशा के लिए याद रखने वाली थी।”

सुंदर रामू (Sunder Ramu) से अक्सर पूछा जाता है कि क्या यह प्रोजेक्ट यह दिखाने का एक तरीका है कि वह बहुत सी महिलाओं को जानता है। उनके दोस्तों समेत लोगों ने उन्हें प्लेबॉय कहा है।

सुंदर कहते है कि उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि दूसरे उनके बारे में क्या सोचते हैं। उनका अंतिम उद्देश्य लैंगिक समानता हासिल करना है। इन डेट्स पर बाहर जाने के पीछे उनका कोई एजेंडा नहीं है। “मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा है जिसे महिलाएं समझती हैं, खासकर क्योंकि मैं खुला और ईमानदार हूं, और यही कारण है कि वे इसका हिस्सा बनने के लिए सहमत हैं।”

जब इंडियन एक्सप्रेस ने सुंदर से पूछा कि क्या वह इस योजना को एक पुरूष होने के कारण सफलता से अंजाम दे पाने में सफल रहे तो उन्होंने कहा कि वो इससे 100 प्रतिशत सहमत है। लेकिन, मुझे इसके बारे में बातचीत करने और इसके समाधान खोजने से नहीं रोकना चाहिए।

2015 के बाद डेट्स में कमी

हालांकि सुंदर का लक्ष्य एक वर्ष में 365 महिलाओं को डेट करना था, लेकिन 2015 में 335 के आंकड़े पर वो रुक गए। क्योंकि नवंबर 2015 में चेन्नई बाढ़ से प्रभावित था। उसके बाद, उन्होंने इसे फिर से शुरू किया, लेकिन इसे धीमा करने का फैसला किया।

सुंदर ने कहा- “मेरा अगला कदम सभी कॉलेज छात्रों और युवाओं को संबोधित करना और उन्हें यौन उत्पीड़न के बारे में जागरूक करना है। जब इन मुद्दों की बात आती है तो मैं लोगों की मानसिकता को बदलना चाहता हूं।”

सुंदर अब ऐस योजना बना रहे हैं, जहां वो टैक्सी, ऑटो चालकों और डिलीवरी बॉय के बीच जागरूकता पैदा कर सकें। उनका मानना ​​है कि वे पुरुषों का एक बड़ा समुदाय बनाते हैं जो लैंगिक मुद्दों पर आवाज उठाने में मदद कर सकते हैं। फिलहाल सुंदर डॉक्यूमेंट्री पर काम कर रहे हैं और एक किताब लिख रहे हैं। जिसमें वह अपनी डेट्स के बारे में लोगों को बताएंगे।

हालांकि, सुंदर रामू (Sunder Ramu) का मानना ​​है कि उन्होंने जो बदलाव किया है वह बहुत छोटा है। “मैंने समाज में जो शुरूआत की है वह बहुत कम है, लेकिन कम से कम यह एक शुरुआत है। लैंगिक असमानता का मुद्दा वह है जिसे ठीक करने में पीढ़ियों का समय लगेगा, लेकिन यह मुझे आज कोशिश करने से नहीं रोकता है। अगर मैं कम से कम आज, शायद कल कोई समाधान खोजने की कोशिश करूं, तो कोई और प्रेरित होगा और बेहतर कल के लिए काम करेगा।

पढें राज्य समाचार (Rajya News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।