chef vikas khanna tracked down muslim family who saved him in mumbai riots - मुंबई दंगों में मुस्लिम परिवार ने बचाई थी शेफ विकास खन्‍ना की जान, 26 साल बाद दोबारा हुई मुलाकात - Jansatta
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मुंबई दंगों में मुस्लिम परिवार ने बचाई थी शेफ विकास खन्‍ना की जान, 26 साल बाद दोबारा हुई मुलाकात

दरअसल यह उपवास वो उस मुस्लिम परिवार के सम्मान में रखते थे जिन्होंने 1992 में मुंबई में हुए दंगों के दौरान उनकी जान बचाई थी। न्यूयॉर्क में रहने वाले शेफ विकास खन्ना ने अब आखिरकार उस परिवार को ढूंढ लिया है जिन्होंने दंगों के दौरान उन्हें अपने घर में शरण दी थी।

शेफ विकास खन्ना फोटो सोर्स- फेसबुक

जाने-माने शेफ विकास खन्ना वर्ष 1992 से ही रमजान के पाक महीने में किसी एक दिन पूरे दिनभर के लिए उपवास रखते आ रहे हैं। दरअसल यह उपवास वो उस मुस्लिम परिवार के सम्मान में रखते थे जिन्होंने 1992 में मुंबई में हुए दंगों के दौरान उनकी जान बचाई थी। न्यूयॉर्क में रहने वाले शेफ विकास खन्ना ने अब आखिरकार उस परिवार को ढूंढ लिया है जिन्होंने दंगों के दौरान उन्हें अपने घर में शरण दी थी। सोमवार (11 जून) को विकास खन्ना ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने उस परिवार को ढूंढ़ लिया है और वो काफी खुश हैं तथा वो अपना उपवास इस परिवार के साथ ही तोड़ेंगे। मंगलवार की रात मुंबई में उन्होंने इस परिवार के साथ मुंबई में इफ्तार किया और कहा कि यह एक शानदार शाम है। उन्होंने कहा कि आंसू, गर्व, मानवता और गौरव सबकुछ इस शाम एक साथ महसूस हुआ।

शेफ विकास खन्ना ने इससे पहले एक चैनल को दिये साक्षात्कार में बतलाया था कि साल 1992 में एक दिन जब वो मुंबई स्थित ‘SeaRock Sheraton’ की रसोई में प्रशिक्षण ले रहे थे तभी वहां दंगा भड़क गया। उन्होंने बतलाया था कि दंगे के बाद पूरा शहर धधकने लगा और उनके साथ रसोई में मौजूद कई लोग होटल में ही फंस गए। दंगों के दौरान वहां कर्फ्यू लग गया।

एक दिन उन्होंने यह अफवाह सुनी कि मुंबई के घाटकोपर इलाके में स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। जिसके बाद उन्हें इस इलाके में रहने वाले अपने भाई की काफी फिक्र होने लगी। अपने भाई को खोजने के लिए वो तुरंत वहां से निकल गए। हालांकि विकास खन्ना को घाटकोपर का रास्ता मालूम नहीं था और वो सड़क पर इधर-उधर भटकने लगे।

तब ही एक मुस्लिम परिवार ने उन्हें हालात के प्रति आगाह किया और अपने साथ अपने घर ले गए। लेकिन जल्दी ही भीड़ मुस्लिम परिवार के घर के बाहर जमा हो गई और दरवाजे पर दस्तक देकर पूछने लगी कि उनके घर में कौन आया है? जिसपर उस परिवार ने भीड़ से कहा कि वो हमारे बेटा है जिसके बाद भीड़ वहां से चली गई। शेफ खन्ना ने बतलाया कि वो दो दिनों तक इस परिवार के साथ रहे। इस दौरान उन्हीं लोगों ने अपने घर के एक सदस्य को भेजकर विकास खन्ना के भाई के बारे में पता लगवाया जो सही-सलामत थे। विकास खन्ना ने बतलाया था कि इस घटना के बाद वो उसी साल से रमजान के दौरान महीने में एक दिन फास्ट जरूर करते हैं।

 

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