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कम धनराशि पर अधिक बीमा लाभ का झांसा देकर ठगी

कम धनराशि पर अधिक बीमा लाभ का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है।

Author नोएडा | December 1, 2017 02:26 am
बैंकिंग सेक्टर में वित्तीय फर्जीवाड़े के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कम धनराशि पर अधिक बीमा लाभ का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। करीब 100 से ज्यादा लोगों को शिकार बनाकर गिरोह करीब 2.5 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है। गिरोह के बदमाश इतने शातिर हैं कि वे वाहन मालिक को अनजान नंबरों से फोन कर फर्जी कवर नोट पर बीमा कंपनी की फर्जी मोहर लगाकर प्रीमियम ले लेते थे। पुलिस जांच में पता चला है कि गाजियाबाद के एक निजी कॉल सेंटर से ग्राहकों को फोन किए जाते थे। ग्राहकों से नकद में प्रीमियम की राशि लेकर बीमा कंपनी का फर्जी मोहर लगाकर कवर नोट थमाते थे। बताया गया है कि फोन के अलावा जस्ट डायल और गूगल पर विज्ञापन देकर भी आरोपी लोगों को फंसाते थे। एसटीएफ के साइबर अपराध सेल ने गिरोह सरगना समेत 4 बदमाशों को एसटीएफ ने सेक्टर- 62 के आम्रपाली चौराहे से गिरफ्तार किया।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह ने बताया कि एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस के नाम से कुछ ग्राहकों को फर्जी फोन कर ठगी करने की शिकायत की थी। जिसमें ग्राहकों से नकद रकम लेकर उन्हें फर्जी इंश्योरेंस कवर नोट थमाए थे। इस मामले में 15 से ज्यादा लोगों ने शिकायत की है। जिसके चलते एक टीम का गठन कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि फोन गाजियाबाद के एक कॉल सेंटर से किए जा रहे हैं। वहीं से रुपए लेकर फर्जी मोहर लगे इंश्योरेंस कवर नोट भी दिए जा रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को सेक्टर- 62 के आम्रपाली चौराहे से सरगना समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया।

गिरोह का सरगना अमित वर्मा है। जो कई सालों से इस धंधे में है। पूछताछ में अमित ने बताया कि उसने कई सालों तक इंश्योरेंस एजंसी कोड लेकर बीमा बेचने का काम किया था। वहीं से उसने फर्जी मुहर लगे कवर नोट थमाकर लोगों को चूना लगाने की योजना बनाई। उसके यहां विराट उर्फ शिवम, अरुण पाल विभिन्न पोर्टल जैसे पॉलिसी बाजार, जस्ट डायल, गूगल के माध्यम से आने वाली जानकारी (लीड्स) से ग्राहकों को फोन कर कम रकम में ज्यादा बीमा कवर करने का प्रलोभन देते थे। ग्राहकों से नकद धनराशि लेने के लिए ऋषभ त्यागी और आमिर को काम पर रखा हुआ था। ये दोनों ही ग्राहकों को फर्जी मोहर लगे कवर नोट देकर नकद रुपए लाते थे। छापेमारी के दौरान एसटीएफ को एचडीएफसी बैंक, भारती एक्सिस जनरल इंश्योरेंस, बजाज एलाइंज जनरल इंश्योरेंस, जीआइसी, टाटा एआइजी, जीआइसी, एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस आदि की मोहर मिली हैं। अमित ने बताया कि उसने आइसीसाइसीआइ लोम्बार्ड, एचडीएफसी एग्रो, भारती एक्सिस, टाटा एआइजी समेत करीब एक दर्जन कंपनियों के कोड ले रखे थे। जिसका संचालन वह खुद करता था। एसटीएफ ने एक लेपटॉप, 10 फर्जी मोहर, 20 मोबाइल, 5 एटीएम कार्ड, 6500 रुपए, 11 फर्जी कवर नोट, एक चेकबुक और इंश्योरेंस कंपनियों के 500 फर्जी लेटर हेड बरामद किए हैं।

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