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छत्तीसगढ़ में नक्सली खतरा और नागरिक आपूर्ति घोटाला सुर्खियां बने

अतीत का हिस्सा बन चुके 2015 में छत्तीसगढ़ में जहां नक्सली खतरा पूरे साल खबरों में छाया रहा, वहीं माओवादियों ने एक बड़े हमले में सात सुरक्षा कर्मियों को मार डाला..

Author रायपुर | Published on: January 1, 2016 11:25 PM
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह (फाइल फोटो)

अतीत का हिस्सा बन चुके 2015 में छत्तीसगढ़ में जहां नक्सली खतरा पूरे साल खबरों में छाया रहा, वहीं माओवादियों ने एक बड़े हमले में सात सुरक्षा कर्मियों को मार डाला। अलग-अलग मुठभेड़ों में 18 माओवादी भी मारे गए। बीते साल राजधानी रायपुर में हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल के आयोजन का खेल प्रेमियों ने जम कर आनंद लिया। साल के आखिर में एक ऑडियो टेप की खबर आई जिससे खासा विवाद उठा। वीडियो में कथित तौर पर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी, उनके पुत्र अमित, उनके साथियों तथा मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच अंतागढ़ (सु) सीट पर उप चुनाव में कथित फिक्सिंग के लिए की गई बातचीत है।

इस ऑडियो टेप को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने इसकी जांच के लिए राज्य के मुख्य सचिव को शीघ्र ही उचित जांच करने का आदेश दिया। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अमित को कारण बताओ नोटिस जारी किया और अजित जोगी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से पहले राज्य इकाई की रिपोर्ट का इंतजार करने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जोगी पार्टी की, निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य हैं।

राज्य की 117 तहसीलों में कम बारिश और किसानों की आत्महत्या की खबरें भी मीडिया की सुर्खियां बनीं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 12 फरवरी को नागरिक आपूर्ति विभाग के 28 परिसरों पर छापे मारे और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सात करोड़ रुपए की संपत्ति तथा तीन करोड़ रुपए से अधिक की नगद राशि बरामद की। आइपीसी की धारा 109 (उकसाना), 120 (बी) (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून 1988 की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत 28 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।

रमन सिंह सरकार इस मुद्दे पर विपक्षी हमले का सामना करती रही और कांग्रेस सीबीआइ जांच की मांग पर अड़ी रही। नक्सलियों का खतरा साल भर रहा लेकिन अप्रैल में माओवादी हिंसा में तेजी आई। अप्रैल में सुकमा जिले के पोलमपल्ली पुलिस थाने में विशेष कार्यबल के सात जवान नक्सली हिंसा में मारे गए।

11 अप्रैल को राज्य की राजधानी से करीब 450 किमी दूर पिडमेल गांव में एसटीएफ की टीम पर नक्सलियों के घात लगा कर किए गए हमले में बल के सात जवान मारे गए। अगले दिन, 12 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बैठिया सीमा सुरक्षा बल के शिविर पर नक्सलियों की अंधाधुंध गोलीबारी में बीएसएफ के एक जवान की जान चली गई। 13 अप्रैल को दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट किया जिससे पांच पुलिसकर्मी मारे गए और आठ अन्य घायल हो गए। 24 दिसंबर को सुकमा जिले में 70 व्रिदोहियों ने आत्मसमर्पण किया।

2015 में छत्तीसगढ़ पुलिस ने 46 उग्रवादियों का सफाया किया जबकि 2014 में इनकी संख्या 36 थी। सिर्फ नवंबर में 18 कैडर मारे गए। इसके अलावा वर्ष 2015 में 645 माओवादी कैडर गिरफ्तार किए गए जबकि 301 कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। सुरक्षा बलों में इस साल हताहतों की संख्या 44 रही जो 2014 में 60 थी। राजधानी रायपुर में नवनिर्मित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में नवंबर-दिसंबर में हीरो वर्ल्ड हॉकी लीग फाइनल के आयोजन ने खेल प्रेमियों को उत्साह से भर दिया। फाइनल में हॉकी सहित आठ देशों की हॉकी टीमों ने हिस्सा लिया।

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