पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को नई दिल्ली में बुलाई गई बेहद महत्वपूर्ण कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से गैरहाजिर रहे। यह बैठक ऐसे वक्त में बुलाई गई थी जब पंजाब कांग्रेस में बड़े पैमाने पर गुटबाजी की खबरें सामने आई हैं और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इसे शांत करने में जुटा हुआ है।
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में MA कर रहे हैं। गुरुवार को इस परीक्षा का पेपर है। चन्नी वकील भी हैं और उनके पास दो पोस्टग्रेजुएट डिग्री हैं। इसमें से एक डिग्री बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में और दूसरी पॉलिटिकल साइंस में है। इसके अलावा चरणजीत सिंह चन्नी पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी भी हैं। चन्नी खुद को ‘जीवन भर छात्र रहने वाला’ शख्स भी बता चुके हैं।
खड़गे, राहुल रहे बैठक में मौजूद
चन्नी जब सीडब्ल्यूसी की बैठक से गैर हाजिर रहे तो यह बात पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गई। सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित तमाम बड़े नेता मौजूद थे।
पिछले कुछ हफ्तों में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब चरणजीत सिंह चन्नी ऐसे कार्यक्रम से गैर हाजिर रहे हैं जिसमें राहुल गांधी मौजूद थे। इससे पहले 29 जुलाई को लोकसभा में जब राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला था तब भी चन्नी सदन में नहीं आए थे। जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी तब पंजाब के फरीदकोट में कांग्रेस की एक बैठक में शामिल होने के लिए पंजाब में ही रुक गए थे।
सीडब्ल्यूसी की बैठक में देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई और इस बात पर भी चर्चा हुई कि केंद्र सरकार पर छात्रों और राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मुद्दे पर किस तरह दबाव बनाया जाए।
वड़िंग को हटाने के लिए बनाया दबाव
चरणजीत सिंह चन्नी और उनके करीबी नेताओं और समर्थकों ने कांग्रेस नेतृत्व पर इस बात के लिए दबाव बनाया है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से हटा दिया जाए। उनकी यह भी मांग है कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए। पिछले दिनों जब पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल राज्य के दौरे पर थे तो चन्नी के समर्थकों ने इस मांग को जोर-शोर से उनके सामने रखा था।
इस तरह की भी खबरें हैं कि राहुल गांधी जल्द ही एक दिन के दौरे पर पंजाब आ सकते हैं। इस दौरान वह पंजाब कांग्रेस में चल रहे असंतोष को लेकर पार्टी नेताओं से बातचीत कर सकते हैं।
चन्नी ने हालांकि सीडब्ल्यूसी की बैठक से गैर हाजिर रहने को लेकर चल रही चर्चाओं को फिजूल की बात बताया है। उन्होंने कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर नेगेटिव बातें फैला रहे हैं।
मेरा एक और पीएचडी करने का प्लान…
चन्नी ने कहा, “कल MA पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का मेरा आखिरी एग्जाम है। मेरा एक और पीएचडी करने का प्लान है… इस बार पंजाब यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी रिफॉर्म्स में।” जब यह खबर आई कि चन्नी सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, इसके कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर चन्नी का MA परीक्षा का एडमिट कार्ड भी वायरल हो गया।
2017 में भी ऐसा ही हुआ था, तब चन्नी को MA की परीक्षा देनी थी, उस समय चन्नी के पढ़ाई के प्रति समर्पण से राहुल गांधी काफी प्रभावित हुए थे और उन्होंने चन्नी को अपना चुनावी विमान भी दे दिया था। चन्नी दिल्ली से चंडीगढ़ गए, एग्जाम दिया और इसी विमान से कांग्रेस की एक अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली लौट आए।
चन्नी की गैर हाजिरी के बीच पंजाब में कांग्रेस के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और राज्य सरकार के पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला बैठक में शामिल हुए। इस तरह की भी अटकलें थी कि राहुल गांधी चन्नी और पंजाब के अन्य कांग्रेसी नेताओं से अलग से मुलाकात कर सकते हैं।
जब सुखजिंदर सिंह रंधावा से पूछा गया कि चन्नी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक की जगह MA की परीक्षा में शामिल होने को क्यों चुना तो रंधावा ने कहा, “हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं, वह डॉक्टर बनने जा रहे हैं।”
सीएम बनना चाहते हैं या कुलपति…
कांग्रेस के एक नेता ने नाम ना छापे जाने की शर्त पर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी शिक्षा से जुड़ी अपनी डिग्रियों को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, “वह (चन्नी) अपने रिजल्ट कार्ड भी सबके साथ साझा करते हैं। कभी-कभी हम मजाक में पूछते हैं कि क्या वह पंजाब के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं या किसी विश्वविद्यालय के कुलपति।”
चन्नी जब पार्षद थे, तब उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। जब वह पहली बार चमकौर साहिब से विधायक चुने गए तो उन्होंने राजनीति से वक्त निकालकर पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 2016 में जब वह कांग्रेस विधायक दल के नेता थे, तब उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में एमए किया था।
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पंजाब के खडूर साहिब से सांसद और अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के प्रमुख अमृतपाल सिंह अगले विधानसभा चुनाव में मालवा और माझा इलाके की एक-एक सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
