अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हर दिन कुछ न कुछ खुलासा हो रहा है। इस मामले में अभी तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच कर रही एसआईटी 15 जुलाई को अपनी रिपोर्ट योगी सरकार को सौंप सकती है। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के स्वास्थ्य की जानकारी ली है।

चंपत राय के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद स्वामी गोविंद देव गिरि ने न्यूज एजेंसी IANS से बात की। गिरी ने कहा कि कल मेरी मुलाकात चंपत राय से हुई और उनसे अच्छी बातचीत हुई। मेरा मुख्य उद्देश्य उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेना था।

स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय स्वस्थ, संतुष्ट हैं और अपने इस्तीफे को लेकर उनमें जरा भी नाराजगी नहीं है। वे एक अनुभवी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया है। इसलिए, वे हमारे द्वारा बनाई जा रही व्यवस्था का पूर्ण समर्थन करते हैं और उनके मन में कोई क्रोध या असंतोष नहीं है।

उन्होंने कहा कि मेरी मुलाकात यहां के कुछ संतों से भी हुई। वे भी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा लिए गए निर्णयों से सहमत हैं और संतुष्ट हैं। वे स्वयं आशा करते हैं कि हम कुछ पूजा पद्धति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में और सुधार करेंगे। जिसके लिए हम कटिबद्ध हैं।

स्वामी गोविंद देव गिरि ने आगे कहा कि मैं कल वहां भी गया, जहां चढ़ावे की गिनमती होती है। उस स्थान को भी देखने के लिए गया कि और किस प्रकार का परिवर्तन अब हम लोगों ने किया है। इसका भी मैंने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अब ऐसा लगता है कि इस प्रकार की घटना अब कभी नहीं होगी, इतनी सावधानी बरती जा रही है।

उन्होंने कहा कि सब लोग इस बात का विश्वास रखिए कि हम लोग इस कार्य को अधिक दक्षता के साथ करेंगे। किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब यहां सीईओ नियुक्ति हो जाएगा तो यहां की कार्य पद्धति में निखार आएगा। हम पूरे राष्ट्र को विश्वास दिलाते हैं कि हमारा यह राम मंदिर लोगों की आंखों से उनकी में से उतरेगा नहीं। बल्कि यह और ज्यादा चमकेगा और अधिकतर का पात्र होगा।

‘अव्यवस्था के लिए अनिल मिश्रा जिम्मेदार’, SIT को लिखे पत्र में चंपत राय ने किन बातों का जिक्र किया?

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा पर शिकंजा कसता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने दावा किया है कि मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) फरवरी 2025 में अनिल मिश्रा और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों द्वारा उनकी जानकारी या अनुमोदन के बिना संयुक्त रूप से तैयार की गई थीं। पढ़ें पूरी खबर