उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी को जोड़ने के लिए तमक नाले पर बना ‘बेली ब्रिज’ सोमवार शाम अतिवृष्टि के कारण नाले में आयी बाढ़ के साथ बह गया। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस इलाके में हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के डीएम और गढ़वाल के मंडल आयुक्त से बात कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों, जरूरी चीजों की सप्लाई और कनेक्टिविटी बहाल करने के बारे में साफ निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित इलाके में राशन, खाने की सामग्री, दवा और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई किसी भी हालत में नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर जरूरत हो तो ग्रामीणों चत अन्य रूट और संसाधनों से भी सप्लाई पहुंचाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को और क्या आदेश दिए

  1. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जोशीमठ-मलारी मोटर रोड पर जल्द से जल्द आवाजाही बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तुरंत काम करें।
  2. संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे मौके पर जाकर स्थिति और नुकसान का खुद जायजा लें, ताकि राहत, बहाली और पुनर्वास के कामों में कोई देरी न हो।
  3. बदलते मौसम और पानी के बढ़ते बहाव को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निचले इलाकों और नदियों-नालों के आसपास खास सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
  4. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि लोगों की सुरक्षा सबसे अहम है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार नज़र रखी जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।

राहत कार्यों में जुटी बीआरओ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम

चमोली जिला प्रशासन की तरफ से बताया गया कि नीति घाटी में तमकनाला के पास गाड़ियों के लिए चलने लायक एक अस्थायी सड़क बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि राहत टीमों के अलावा, BRO, NDRF और SDRF की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। ये टीमें राहत व बहाली के कामों में जुटी हुई हैं।

(यह खबर जनसत्ता के साथ इंटर्नशिप कर रहीं कल्याणी चौधरी ने लिखी है।)