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कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला ने वसुंधरा सरकार पर बोला हमला, कहा- केंद्र एवं राज्य सरकार किसान विरोधी

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार के कार्यकाल में जम्मू कश्मीर में सैन्यबलों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं बढ़ी हैं।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार के कार्यकाल में जम्मू कश्मीर में सैन्यबलों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि पूर्व संप्रग सरकार के दस साल के कार्यकाल में जम्मू कश्मीर में सैन्यबलों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं कम हुईं क्योंकि कांगे्रस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रास्ता भटके हुए युवाओं कोे रास्ते पर लाने का काम किया और क्षेत्र का विकास कर युवाओं को विकास से जोड़ा।

सुरजेवाला ने कहा कि गत तीन साल में 200 फौजी शहीद हुए और 51 नागरिक मारे गये। यह सरकार दिशाहीन सरकार है। केन््रद सरकार जम्मू कश्मीर मेंं शान्ति बहाल करना चाहती है तो कांग्रेस इसका समर्थन करेगी लेकिन शान्ति बहाली का निर्णय प्रधानमंत्री को करना है।
उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पूछे गये प्रश्न के जवाब में कहा कि राष्ट्रपति का निर्वाचन सर्वसम्मति से होना चाहिए। राष्ट्रपति संविधान के सरंक्षक होते हैं। सरकार रास्ता भटक जाती है तो उसे रास्ता दिखाने का काम राष्ट्रपति करते है।

बता दें कि इससे पहले सुरजेवाला का कहना था कि पिछले तीन सालों में इस सरकार ने जो सबसे ज्यादा चिंताजनक हालात पैदा किए हैं वह है निजता पर हमला और सरकार से जनता की दूरी। कांग्रेसी नेता का कहना है कि कभी संसद परिसर को मनरेगा को कांग्रेस का स्मारक कहने वाली मोदी सरकार इसे खत्म करने का साहस नहीं जुटा पाई लेकिन इसे आगे मजबूत भी नहीं कर पाई। लेकिन मोदी सरकार कांग्रेस की एक क्रांतिकारी देन को दफ्न करने की तैयारी में है और वह है सूचना का अधिकार (आरटीआइ)। कांग्रेस-काल में जनता को मिले इस अधिकार ने जनतंत्र के हाथ कितने मजबूत किए यह सब किताबों में दर्ज हो चुका है।

लेकिन मोदी सरकार इसे कमजोर करने पर तुली है क्योंकि इससे जनता को सरकार के बारे में सूचना हासिल होती है। सरकार से सूचना हासिल करने के इस वैधानिक अधिकार को कमजोर करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। कांग्रेसियों को तोड़ कर भाजपाई बनाने में जुटी मोदी सरकार को सूचना के अधिकार कानून से इतना डर क्यों लग रहा है, यह तो वही बताएगी। मोदी लोकतांत्रिक राज्य की परिभाषा को पूरी तरह पलट चुके हैं। मोदी-काल में जनता राज्य के लिए है राज्य जनता के लिए नहीं। आप जनता के खातों पर पहरा लगा देते हैं। जनता क्या खाए-पीए – यह फरमान ऊपर से आने लगे। खान-पान के कारण हत्या होने लगे तो समझ में आना चाहिए कि लोकतंत्र उलटा लटकाया जा चुका है।

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