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ममता सरकार और केंद्र में बढ़ी तकरार, दो टीमों ने कोरोना से निपटने पर पूछे तीन दर्जन सवाल, पुलिस कमिश्नर से मिलने से भी रोका

ममता बनर्जी पहले ही राज्य में गंभीर स्थितियां न होने के बावजूद केंद्र सरकार की टीम भेजने पर सवाल उठा चुकी हैं।

टीएमसी का अमित शाह पर पलटवार। (file)

कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच विवाद की स्थिति बढ़ रही है। दरअसल, केंद्र ने हाल ही में कोरोना की गंभीर स्थिति की निगरानी के लिए दो टीमों को कोलकाता भेजा था। केंद्र का कहना था कि यह टीम संक्रमण का हॉटस्पॉट बन चुके कोलकाता में कोरोना से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट देगी। हालांकि, ममता ने कहा था कि राज्य में स्थिति सामान्य है। इसी बीच शुक्रवार को राज्य ने कबूल किया कि अब तक 57 मरीजों की कोरोना से मौत हई है, जबकि इससे पहले सरकार यह आंकड़ा 18 बता रही थी।

पश्चिम बंगाल सरकार का कहना था कि बाकी 39 की मौत कोमॉर्बिडिटी यानी पहले से ही शरीर की किसी बीमारी की वजह से हुई, न कि कोरोना की वजह से। राज्य सरकार ने यह जानकारी इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम के सवालों के जवाब में दी थी। बताया गया है कि दो टीमों ने बंगाल सरकार को 37 सवालों की लिस्ट दी है। इनमें बंगाल से कोरोना केसों और मौतों की पूरी जानकारी देने के लिए कहा गया है। आईएमसीटी का आरोप है कि अफसरों ने उसकी मुलाकात अभी तक दार्जिलिंग के पुलिस कमिश्नर से नहीं कराई है।

Haryana Coronavirus LIVE Updates in Hindi

क्या हैं केंद्र सरकार की टीम के बंगाल सरकार से सवाल?
केंद्र सरकार ने जो सवाल पूछे हैं, वे कुछ इस तरह हैं- लॉकडाउन का आप किस तरह पालन करा रहे हैं? इस दौरान कितने लोगों का चालान हुआ है? सीलिंग इलाकों से कितने लोगों को बाहर जाने की अनुमति दी गई? स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले के कितने केस सामने आए, उन पर क्या एक्शन लिया गया? अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए कितने बेड हैं? गरीब लोगों के लिए क्या व्यवस्था की गई?

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इससे पहले केंद्रीय टीम ने बंगाल सरकार से कोरोना से होने वाली मौतों का पता लगाने वाली कार्यप्रणाली पर स्पष्टीकरण मांगा। राज्य प्रशासन ने कहा था कि अगर किसी संक्रमित की मौत रोड एक्सीडेंट से होती है, तो उसके मरने की वजह रोड एक्सीडेंट दिखाई जाती है। केंद्रीय टीम ने पश्चिम बंगाल सरकार के इस तरीके पर आपत्ति जताई है और पत्र लिखकर जवाब मांगा।

केंद्रीय टीम ने बंगाल सरकार से पूछा कि कोविड-19 पेशेंट की मौत अगर किसी अन्य कारण से होती है, तो उसके लिए क्या डॉक्टरों का कोई पैनल बनाया गया है? ऐसी सभी पेशेंट का रिकॉर्ड मुहैया करवाया जाए जो कोविड-19 से पीड़ित थे, लेकिन उनकी मौत किसी अन्य कारण की वजह से हुई है।

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