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तटीय सुरक्षा मजबूत करने को केंद्र ने बुलाई मुख्यमंत्रियों की बैठक

भारतीय तटीय क्षेत्रों में आतंकी खतरों का सामना करने की आशंका बने रहने के बावजूद केंद्र ने तटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी तटीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई।

Author नई दिल्ली | June 7, 2016 2:13 AM
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भारतीय तटीय क्षेत्रों में आतंकी खतरों का सामना करने की आशंका बने रहने के बावजूद केंद्र ने तटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी तटीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है। मुंबई में 16 जून को आयोजित होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।

इस बैठक में देश के उन 7517 किलोमीटर तटीय क्षेत्र के इर्द गिर्द सुरक्षा के सभी आयामों की समीक्षा की जाएगी, जहां 12 बड़े बंदरगाह और 187 छोटे बंदरगाह स्थित हैं। तटीय क्षेत्रों के सभी मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों या प्रशासकों को इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने संवाददाताओं से कहा कि हम अपने तटीय क्षेत्रों में बेहतर और ठोस सुरक्षा प्रणाली तैयार करेंगे। नौ तटीय राज्यों व चार केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री 16 जून को मुंबई में बैठक करेंगे।

तटीय सुरक्षा के मुद्दे पर इस बैठक के स्थल का काफी महत्व है क्योंकि मुंबई 2008 के आतंकी हमलों का केंद्र रहा था जब पाकिस्तान से समुद्र मार्ग के जरिए आए 10 आतंकवादियों ने 166 लोगों की हत्या कर दी थी। केंद्र सरकार 2005 से ‘तटीय सुरक्षा योजना’ लागू कर रही है और इसका मकसद तटीय गश्ती व निगरानी के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओड़ीशा और पश्चिम बंगाल व केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव, लक्ष्यद्वीप, पुडुचेरी और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में तटीय थानों, नाकों, चौकियों और बैरकों का निर्माण करने के साथ इन क्षेत्रों को उच्च गति वाली नौकाओं, जीपों और मोटर सइकिलों के जरिए तटीय क्षेत्र पर नजर रखने का प्रावधान है।

प्रत्येक पुलिस थाने के हिसाब से 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने का प्रावधान है जो उपकरण, कंप्यूटर और फर्नीचर के लिए भी हैं। इस बैठक में तटीय व नौवहन सुरक्षा से जुड़े विविध आयामों पर चर्चा होने की उम्मीद है जिसमें मछली पकड़ने के पोत के पंजीकरण के लिए समान प्रणाली, मछुआरों के लिए बहु उद्देश्यीय राष्ट्रीय आइडी कार्ड, मछली पकड़ने के पोत में दिशासूचक व संचार प्रणाली लगाने जैसे विषय शामिल हैं।

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