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CBI ने मनी लॉंड्रिंग मामले में अाप सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ शुरु की प्रारंभिक जांच

सीबीआई ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर उनके खिलाफ धनशोधन के आरोपों की जांच के लिए प्रारंभिक जांच दर्ज की है ।

Author नई दिल्ली | April 11, 2017 4:08 PM
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन

सीबीआई ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर उनके खिलाफ धनशोधन के आरोपों की जांच के लिए प्रारंभिक जांच दर्ज की है । आरोप है कि जैन 2015-16 के दौरान लोक सेवक रहते हुए प्रयास इंफो सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, अकिनचंद डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 4.63 करोड़ रूपये के धनशोधन में संलिप्त थे । जैन के खिलाफ आरोपों में इन कंपनियों और इंडोमेटल प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 2010-12 के दौरान 11.78 करोड़ रूपये के कथित धन शोधन का भी मामला है ।
मामला नया बेनामी लेनदेन निषेध कानून के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा सीबीआई को भेजा गया था । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि इस देश में कई बार ऐसे अवसर आये हैं जब सदन ने देश हित में मिलकर ऐतिहासिक निर्णय किये हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस विधेयक पर अधिकतर दलों की सहमति थी और उच्च सदन को भी देश की एक बड़ी आबादी के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक को आपसी सहमति के आधार पर पारित करना चाहिए।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा कि सदन को इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कर इसे पारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इस विधेयक को यदि पारित करते हैं तो समाज की एक बड़ी आबादी तक यह संदेश जाएगा कि हम उनके साथ न्याय कर रहे हैं।
कांगे्रस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि सदन को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर ही चर्चा करानी चाहिए जबकि इसी पार्टी के मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि सरकार विपक्ष को ओबीसी विरोधी के रूप में पेश कर रही है जो गलत है। मिस्त्री ने कहा कि इस विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए।

टीआरएस के केशव राव ने कहा कि यह कोई सामान्य विधेयक नहीं बल्कि संविधान संशोधन विधेयक है। इसलिए इस पर चर्चा करने के लिए सदस्यों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह दूसरी बार है कि सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को जल्दबाजी में पारित करवाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विधेयक के बजाय ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को लिया जाए।

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