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सीता को बताया था टेस्ट ट्यूब बेबी, यूपी डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के खिलाफ दर्ज हुआ केस

शिकायतकर्ता वकील ने अपनी शिकायत में कहा कि डॉक्टर दिनेश शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा है। आईपीसी की धारा 295 (ए) और 120 (बी) के तहत यह केस दर्ज किया गया है।

यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

सीता को पहला टेस्ट ट्यूब बेबी बताने के कारण अब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बिहार के सीतामणी में शर्मा के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया गया है। उनके ऊपर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सीतामणि के ही एक स्थानीय वकील ठाकुर चंदन सिंह ने शनिवार की सुबह यूपी के डिप्टी सीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता वकील ने अपनी शिकायत में कहा कि डॉक्टर दिनेश शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा है। आईपीसी की धारा 295 (ए) और 120 (बी) के तहत यह केस दर्ज किया गया है।

बता दें कि दिनेश शर्मा ने गुरुवार (31 मई) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘इंडिया स्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता-2018’ के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा था कि सीता टेस्ट ट्यूब बेबी थीं। उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि सीता जी का जन्म मिट्टी के घड़े से हुआ था, इसका मतलब यह है कि रामायण काल में टेस्ट ट्यूब बेबी जैसी ही पद्धति मौजूद रही होगी।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह राजा जनक ने घड़े में से माता सीता को निकाला था, उसे देखकर कहा जा सकता है कि आज के समय से कहीं ज्यादा विकसित तकनीक रामायण और महाभारत काल में रही होगी।

इससे पहले बुधवार यानी 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर शर्मा ने कहा था कि पत्रकारिता की शुरुआत महाभारत काल में ही हो गई थी। यूपी डिप्टी सीएम ने कहा था कि पौराणिक पात्रों ‘संजय’ और ‘नारद’ को वर्तमान समय में लाइव प्रसारण तथा गूगल से जोड़कर देखा जा सकता है।इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया था कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन जैसी आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में ही शुरू हो गई थी। शर्मा ने कहा था, “इतना ही नहीं मोतियांबिंद का ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, परमाणु परीक्षण और इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में शुरू हुई थीं।”

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