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पंजाब का प्रभार फिर से कैप्टन के हाथों में, दूसरी बार संभाला मुख्यमंत्री पद का कार्यभार

व्यापक रूप से लोकप्रिय एवं सम्मानित नेता अमरिंदर ने 117 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी को 77 सीटों पर शानदार जीत दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया और दूसरी बार मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला।

Author March 16, 2017 4:27 PM
पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)

कांग्रेस से सबसे मजबूत क्षेत्रीय क्षत्रपों में से एक अमरिंदर सिंह ने शिअद को करारी शिकस्त देकर और आप के दिल्ली से आगे पैर जमाने के सपने को चकनाचूर करते हुए पंजाब में एक बार फिर अपनी पार्टी को जीत दिला दी। व्यापक रूप से लोकप्रिय एवं सम्मानित नेता अमरिंदर ने 117 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी को 77 सीटों पर शानदार जीत दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया और दूसरी बार मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला। 10 साल बाद पंजाब में महाराजा की जीत ने कांग्रेस के पुनरच्च्त्थान की उम्मीदों को जगा दिया है।

अमरिंदर उन बहुत कम नेताओं में शामिल हैं जो भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के दौरान लड़े थे। अकाली दल सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल ने वर्ष 2007 एवं वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री बनने की उनकी पूर्व की कोशिशों को नाकाम कर दिया था लेकिन इस बार अमरिंदर को सफलता मिली। किसी समय अकाली दल के नेता रहे ‘पटियाला के वंशज’ वर्ष 1965 के युद्ध में लड़े थे। उन्होंने इससे कुछ ही महीनों पहले सेना ने इस्तीफा दे दिया था लेकिन वे बाद में फिर से सेना में शामिल हुए और उन्होंने युद्ध लड़ा। उन्होंने बाद में युद्ध की समाप्ति पर सेना से फिर से इस्तीफा दे दिया था।

पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर पटियाला के दिवंगत महाराजा यादविंदर सिंह के पुत्र हैं। उनकी पत्नी परनीत कौर पटियाला से सांसद रह चुकी हैं। पंजाब में कांग्रेस को 77, आम आदमी पार्टी को 20, शिरोमणि अकाली दल को 15 तथा भारतीय जनता पार्टी को 03 सीटों पर जीत मिली थी। इस चुनाव में आप को समर्थन करने वाली लोक इंसाफ पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम के बाद इस बात के साफ संकेत मिल गए कि चुनाव के समय सबसे अधिक चर्चा का केंद्र रहे डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने अकाली-भाजपा गठबंधन को समर्थन नहीं दिया।

जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह को फोन करके विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी की भारी जीत पर बधाई दी। इस क्रम में, मोदी ने कैप्टन सिंह को पंजाब के विकास के लिए उनकी सरकार को पूरा समर्थन देने का भरोसा भी दिया।
पांच बार के मुख्यमंत्री रहे बादल ने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह को हरा कर अपनी लांबी सीट बरकरार रखी। वैसे अमरिंदर ने अपना पारंपरिक गढ़ पटियाला सीट को बचा लिया। शिअद और भाजपा को 31 फीसद मत, कांग्रेस को 38 फीसद और आप को 23 फीसद मत मिले।

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