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बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगे, सीएम ममता का भाजपा पर निशाना- भगवा दल को फिर बताया बाहरी

ममता ने भगवा पार्टी पर ‘बाहरी होने’ के अपने आरोप की धार तेज करते हुए कहा, ‘बंगाल की धरती जीवन का स्रोत है। हमें इस मिट्टी को संरक्षित रखना होगा। हमें इससे गौरवांन्वित होना होगा। ऐसा कोई नहीं हो सकता है जो बाहर से आए और कहे कि यह स्थान गुजरात में तब्दील हो जाएगा।’

Author नई दिल्ली | Updated: December 23, 2020 10:27 PM
WEST BENGAL, MAMTA BANARJEEपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। फाइल फोटो। फोटो सोर्स- (Express photo: Partha Paul)

पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव जीतने पर राज्य में विकास का गुजरात मॉडल लागू करने के भाजपा द्वारा बार-बार किए जा रहे दावे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि लोग ऐसा नहीं होने देंगे। ममता ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ‘जयहिंद’ के नारे, ये सभी पश्चिम बंगाल से विश्व को दिए गए। भाजपा की कटु आलोचक एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘बंगाल उत्कृष्टता और मेधा को महत्व देता है। हम इसे गुजरात में तब्दील करने की इजाजत नहीं दे सकते।’

ममता ने भगवा पार्टी पर ‘बाहरी होने’ के अपने आरोप की धार तेज करते हुए कहा, ‘बंगाल की धरती जीवन का स्रोत है। हमें इस मिट्टी को संरक्षित रखना होगा। हमें इससे गौरवांन्वित होना होगा। ऐसा कोई नहीं हो सकता है जो बाहर से आए और कहे कि यह स्थान गुजरात में तब्दील हो जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा संदेश यह है कि हम सभी के लिए हैं…मानवता सभी के लिए है, चाहे वह सिख, जैन या ईसाई हो। हम उनके बीच विभाजन की इजाजत नहीं देंगे।’

वहीं, तृणमूल कांग्रस के वरिष्ठ नेता सौगत राय ने पार्टी छोड़ कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर के कोंटई में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कोंटई किसी परिवार की जमींदारी नहीं है। समंदर से दो घड़ा जल निकाल लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।’ पूर्वी मेदिनीपुर अधिकारी का गृह जिला है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने हिंदुत्व ताकतों के साथ हाथ मिला कर अपनी विश्वसनीयता खो दी है।

उन्होंने दावा किया, ‘शुभेंदु कोई दिग्गज नेता नहीं थे। प्रथम दो उपचुनाव हारने के बाद उन्हे 2009 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने उम्मीदवार बनाया था और वह जीते थे। वह 2014 का लोकसभा चुनाव और 2016 का विधानसभा चुनाव भी पार्टी के समर्थन से ही जीते थे।’ उन्होंने अधिकारी को गद्दार करार देते हुए उन पर बंगाल की राजनीति को निम्न स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया।

रॉय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने जिले के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए सड़कें बनावाई हैं और इसका श्रेय किसी मीर जाफर या भाजपा के एजेंट को नहीं जाता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैसे भगवा दल के नेता विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें हासिल करने के, राज्य के बाहर से, दिन में ही सपने देख रहे हैं। राज्य में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।

वहीं, शहरी विकास मंत्री एवं कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, ‘मैं आपके (अधिकारी के) व्यवहार से शर्मिंदा हूं। आप अमित शाह के पैर छूने के लिए उनके आगे झुक गए। आपको किस चीज ने ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। क्या जेल जाने का डर सता रहा था?’ कोलकाता में एक कार्यक्रम में ममता ने कोविड-19 के नये रूप (स्ट्रेन) का जिक्र करते हुए कहा कि यह बहुत घातक है और हर किसी को बहुत सतर्क रहना चाहिए तथा अपने स्वास्थ्य की अत्यधिक देखभाल करनी चाहिए। अब र्सिदया आ गई हैं इसलिए और ज्यादा सजग रहने की जरूरत है।

ममता ने कहा कि जिस तरह से डेंगू अपना स्वरूप बदलता है, कोविड-19 के साथ भी वही हुआ है। उन्होंने कहा, ‘ब्रिटेन से कोलकाता हवाईअड्डा पहुंची एक उड़ान से आए दो यात्रियों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। ब्रिटेन जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने कोरोना योद्धाओं को धन या नौकरी से पुरस्कृत करने का फैसला किया है।।’

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