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मेघालय में आधार नंबर छोड़ने के लिए चल रहा है अभियान, जानें क्या है वजह

इस पूर्वोत्तर राज्य में जून में आधार का पंजीकरण शुरू होने के बाद से राज्य में इसकी पंजीकरण प्रक्रिया को सख्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है।
Author शिलांग | November 2, 2017 07:52 am
कर्नाटक सरकार की कैबिनेट ने आधार कार्ड की अनिवार्यता को मंजूरी दे दी है।

मेघालय में करीब 300 लोग आधार नंबर छोड़ने के लिए एक अभियान में शामिल हुए हैं। दरअसल, उन्होंने आरोप लगाया है कि 12 अंकों की यह पहचान संख्या गैर मूल निवासियों को मतदान का अधिकार दिला सकती है। इस पूर्वोत्तर राज्य में जून में आधार का पंजीकरण शुरू होने के बाद से राज्य में इसकी पंजीकरण प्रक्रिया को सख्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। प्रभावी खासी छात्र संघ (केएसयू) और गिरिजाघरों ने गैर मूल निवासियों को मतदान का अधिकार मिलने के अलावा निजता का उल्लंघन होने के आधार पर इसका विरोध किया है। कुल 286 लोगों ने आधार पर मेघालय पीपुल कमेटी (एमपीसीए) को अभियान के तीसरे दिन पत्र सौंपा है।

उन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से उनके नाम आधार से हटाने का अनुरोध किया है। एमपीसीए सचिव अगस्त जायरवा ने कहा कि अभियान जारी है और यह तीन नवंबर को संपन्न होगा। हम संबद्ध अधिकारियों के पास जाने से पहले पर्याप्त संख्या में पत्र पाने की आशा करते हैं। एमपीसीए केएसयू का एक शीर्ष संगठन है। केएसयू में करीब 5000 ऐसे लोग हैं जिन्होंने स्वेच्छा से आधार के लिए पंजीकरण नहीं कराया है। वहीं, यूआईडीएआई के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि मेघालय में 4. 6 लाख से अधिक लोगों के पास आधार नंबर हैं और इसके लिए पंजीकरण जारी है।

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