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West Bengal: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत, निचली अदालत ने जारी कर दिया था अरेस्ट वारंट

Relief From High Court: उच्च न्यायालय ने प्रमाणिक को 7 जनवरी से 12 जनवरी, 2023 के बीच अलीपुरद्वार अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का निर्देश दिया।

West Bengal: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत, निचली अदालत ने जारी कर दिया था अरेस्ट वारंट

Stayed Arrest Warrant: कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Union Minister of State for Home) निशिथ प्रमाणिक (Nishith Pramanik) को बड़ी राहत दी है। बंगाल की एक लोअर कोर्ट ने 2009 के एक मामले में प्रमाणिक के खिलाफ अरेस्ट वारंट (Arrest Warrant) जारी कर दिया था। उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। उनके वकील का कहना है कि प्रमाणिक का उस मामले से कोई लेना देना नहीं है। बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) ने निशिथ प्रमाणिक के खिलाफ 2009 के एक कथित चोरी के मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी।

दरअसल उत्तरी बंगाल स्थित अलीपुरद्वार अदालत (Alipurduar Court) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Union Minister of State for Home) प्रमाणिक के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। उनके वकीलों की ओर से दावा किया गया कि अलीपुरद्वार थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें झूठा फंसा दिया। इस पर अलीपुरद्वार कोर्ट में एक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी गिरफ्तारी के वारंट पर कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने रोक लगाने का आदेश दे दिया।

कोर्ट ने प्रमाणिक को 7 से 12 जनवरी के बीच पेश होने को कहा

उच्च न्यायालय ने प्रमाणिक को 7 जनवरी से 12 जनवरी, 2023 के बीच अलीपुरद्वार अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का निर्देश दिया। मंत्री के वकील विकास सिंह ने कहा कि प्रमाणिक ने 11 नवंबर को सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया था, क्योंकि वह उस दिन पेश होने में असमर्थ थे लेकिन अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया और गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।

केंद्रीय मंत्री के खिलाफ वसूली, बेईमानी समेत कई धाराओं में केस दर्ज है

इससे सरकारी वकील पी नारायण मजूमदार ने कहा था, “11 नवंबर को, अलीपुरद्वार न्यायिक तृतीय न्यायालय ने निशीथ प्रमाणिक के खिलाफ आईपीसी की धारा 457 (घर में जबरन वसूली), 383 (जबरन वसूली), 411 (बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करना) सहित अन्य के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह घटना 2009 में अलीपुरद्वार में हुई थी।”

अभियोजक के अनुसार, इस मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) के निर्देश पर उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में एक विशेष सांसद/विधायक अदालत से अलीपुरद्वार अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।

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First published on: 23-11-2022 at 10:23:33 pm
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