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आरएसएस मुख्यमंत्री के चुनाव में कभी दखल नहीं देता, योगी को विधायकों ने चुना:नायडू

केन्द्रीय पर्यवेक्षक एम वेंकैया नायडू ने आरएसएस ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ के चुनाव में कोई हस्तक्षेप नहीं किया था।

Author Updated: March 20, 2017 7:22 PM
cabinet minister venkaiah naidu, rss, decision making, bjp, आरएसएस, मुख्यमंत्री, चुनाव, योगी, विधायकों, नायडू, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)वैंकया नायडू (photo source – Indian express)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के केन्द्रीय पर्यवेक्षक एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ के चुनाव में कोई हस्तक्षेप नहीं किया था। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर कट्टर हिंदुत्ववादी चेहरा पेश करने के लिए चौतरफा हो रही पार्टी की आलोचनाओं के बीच नायडू ने कहा कि विधायकों ने नेता को चुना है और यही पार्टी की प्रणाली है। उन्होंने विपक्ष से ‘‘पराजय को विनम्रता के साथ ’’ स्वीकार करने, जनादेश को स्वीकार करने और नए मुख्यमंत्री को ‘‘उचित अवसर’’ देने के लिए कहा।

नायडू ने कहा,‘‘विधायक पार्टी संसदीय बोर्ड के तहत नेता को चुनते हैं। भाजपा में यही तरीका है। आरएसएस कभी हस्तक्षेप नहीं करता ओैर किसी नाम का सुझाव नहीं रखता है।’’ उन्होंने कहा कि निर्वाचित विधायकों से विचार विमर्श के बाद, उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को विधायकों की राय से अवगत करा दिया था। नायडू ने कहा,‘‘ मैंने विधायकों के साथ बैठक की और उस बैठक में सुरेश खन्ना ने योगी आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा तथा नौ अन्य ने उनका समर्थन किया। सभी विधायक खडे हो गए और सर्वसम्मति से उनके नाम पर सहमत हो गए। तो यह विधायकों का निर्णय है जिसे केन्द्रीय नेतृत्व ने मंजूरी दी थी।’’

नायडू का यह बयान विपक्षी पार्टियों के उन आरोपों के बाद आया है कि भाजपा 2019 के चुनाव विकास के नाम पर नहीं बल्कि मतदाताओं का ध्रुवीकरण करके लड़ना चाहती है। बसपा सुप्रीमो ने मायावती ने कल कहा था,‘‘ इसीलिए उन्होंने आरएसएस के आदमी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा की शानदार जीत के बाद आदित्यनाथ ने कल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।

रविवार को यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने के बाद आदित्यनाथ योगी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को 15 दिन के भीतर अपनी आय और चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा पार्टी एवं सरकार को देने का आदेश दिया। पहली कैबिनेट मीटिंग के बाद कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भ्रष्टाचार’ को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है।

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