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‘रैडिकल’ नाम के वामपंथी संगठन के युवाओं ने तोड़ी है श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा, 7 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में वाममोर्चा के एक छात्र संगठन के सात सदस्यों को बुधवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

Author कोलकाता | March 7, 2018 7:54 PM
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में वाममोर्चा के एक छात्र संगठन के सात सदस्यों को बुधवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा, “22-29 वर्ष के छह युवकों और एक युवती को मुखर्जी की प्रतिमा को विकृत करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इन सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस आयुक्त राजीब कुमार ने ट्वीट कर कहा, “किसी भी प्रकार की तोड–फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी धुर वामपंथी छात्र संगठन से संबद्ध रखते हैं जिसका नाम ‘रैडिकल’ है। इनमें से छह कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय के हैं। बाद में पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, “चाहे यह वामपंथी हों या किसी अन्य पार्टी के सदस्य हों, मैं सभी को श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं की बेइज्जती करने से दूर रहने की चेतावनी देता हूं। अगर कोई भविष्य में ऐसा करेगा तो यह उसके द्वारा की गई अंतिम कार्रवाई होगी।”

उन्होंने कहा, “वे अभी पुलिस की हिरासत में सुरक्षित हैं, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उनके साथ क्या होगा, इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता।” घोष ने दक्षिण कोलकाता में क्षतिग्रस्त प्रतिमा के सामने गुरुवार को सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को एकत्रित होने के लिए कहा जहां भाजपा मुखर्जी की प्रतिमा को दूध से साफ करेगी।

पश्चिम बंगाल भाजपा के महासचिव सयांतन बसु ने एक बयान में कहा, “हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के कृत्य की निंदा करते हैं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग करते हैं और साथ ही यह संदेश भी देना चाहते हैं कि आप इस शर्मनाक कृत्य से पश्चिम बंगाल के निर्माण में मुखर्जी के योगदान को मिटा नहीं सकते।”

प्रतिमाओं को गिराने का यह सिलसिला सोमवार को त्रिपुरा में रूसी साम्यवादी क्रांति के नेता लेनिन की प्रतिमा को कथित रूप से भाजपा व आरएसएस के कार्यकर्ताओं द्वार ढहाए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक पेरियार की प्रतिमा में तोड़फोड़ की गई और फिर कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को तोड़ा गया।

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