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बुलंदशहर हिंसाः योगी आदित्यनाथ से मिला इंस्पेक्टर सुबोध का परिवार, CM बोले- आपके संग होगा न्याय

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने इस मुलाकात को लेकर बताया, "सीएम ने शहीद पुलिसकर्मी के परिजन को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।"

सीएम आवास पर हुई इस मुलाकात में शहीद इंस्पेक्टर का बेटा श्रेय भी मौजूद था। (फोटो: ANI)

बुलंदशहर हिंसा के दौरान शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का परिवार गुरुवार (छह दिसंबर) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। लखनऊ स्थित सीएम आवास पर योगी से मिलने सुबोध की पत्नी, बेटा व कुछ अन्य लोग पहुंचे थे। मुलाकात में सीएम ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर हाल में न्याय मिलेगा। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह भी उपस्थित थे।

उन्होंने इस मुलाकात को लेकर पत्रकारों से कहा, “सीएम ने शहीद पुलिसकर्मी के परिजन को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।” समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सुबोध के बेटे श्रेय प्रताप सिंह ने कहा कि वह लोग सीएम से मिले और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वास दिया गया है।

Bulandshahr Violence, Subodh Kumar Singh, Police Inspector, Martyred, Family, Meeting, CM, Yogi Adityanath, CM Residence, Lucknow, UP, Assurance, Justice, State News, India News, Hindi News शहीद इंस्पेक्टर के परिजन से बातचीत करते हुए सीएम योगी।

वहीं, सुबोध के सम्मान में एटा में उनके गांव की ओर जाने वाली जैथारी-कुरावली रोड का नाम बदलकर ‘श्री सुबोध कुमार सिंह शहीद मार्ग’ कर दिया गया है।

उधर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सांसद भोला सिंह ने एएनआई से कहा, “मेरे पास एक वीडियो आया, जिसमें पुलिस कह रही थी कि प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। पुलिस को उसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा था। ऐसी स्थिति ही क्यों पनपी, जो आम जनता पर लाठी चार्ज किया गया?”

गौरतलब है कि सोमवार (तीन दिसंबर) दोपहर गोकशी की अफवाह पर बुलंदशहर के स्याना गांव में हिंसा भड़क उठी थी। घटना के दौरान भीड़ ने उत्पात मचाते हुए तोड़फोड़ और आगजनी की थी। हिंसा के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध समेत दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। दूसरे मृतक की पहचान सुमित नाम के स्थानीय के रूप में हुई।

पुलिस ने फिलहाल चार गिरफ्तारियां की हैं, जबकि 27 लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज किए गए हैं। वहीं, 50-60 अज्ञातों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेश टीम (एसआईटी) कर रही है, जबकि घटना के मुख्यारोपी के तौर पर योगेश राज का नाम सामने आया है, जो कि फरार है। वह बजरंग दल से जुड़ा बताया जा रहा है।

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