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बुलंदशहर पुलिस बोली- पहले ये पता करेंगे कि गायें किसने मारीं, फिर इंस्पेक्टर की हत्या की जांच

पुलिस का कहना है, "हम अभी किसी संगठन का नाम तो नहीं बता सकते, मगर इतना जरूर स्पष्ट है कि इंस्पेक्टर की हत्या के ज्यादातर आरोपी गोरक्षा से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे।

Author December 7, 2018 10:48 AM
तीन दिसंबर को स्याना गांव में हुई हिंसा के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। (एक्सप्रेस फोटो)

अमित भटनागर

बुलंदशहर हिंसा की जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस ने कहा है कि सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि आखिर वहां गोवध किसने किया। फिर वे लोग इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले की जांच करेंगे। बुलंदशहर के एएसपी रईस अख्तर ने बताया, “फिलहाल हमारा पूरा जोर यह पता लगाने में है कि आखिर वहां गोवध किसने किया। आखिरकार, वहां गोवध ही हुआ था। उसके बाद लोगों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें सुबोध की हत्या हो गई थी। हमारा मानना है कि एक बार मामला हल हो जाएगा, तो उससे सुबोध की हत्या के मामले में भी कई चीजें सामने आएंगी। अभी हमारी प्राथमिकता गोकशी करने वालों को दबोचना है, जबकि हत्या और दंगा भड़काने वाला मामला दूसरे नंबर पर है।”

उन्होंने आगे बताया, “हम अभी किसी संगठन का नाम तो नहीं बता सकते, मगर इतना जरूर स्पष्ट है कि इंस्पेक्टर की हत्या के ज्यादातर आरोपी गोरक्षा से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे। हम आगे की गिरफ्तारियों के बाद ही इसकी पुष्टि कर सकते हैं। मगर अभी गायों के हत्यारों का पता लगाना, हमारी पहली प्राथमिकता है।”

इसी बीच, योगेश राज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने खुद को बेगुनाह बताया था। वहीं, एफआईआर में नौवें आरोपी शिखर अग्रवाल ने इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में एक अन्य वीडियो पोस्ट किया।

बता दें कि तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना गांव में गोकशी की अफवाह पर भीड़ ने जमकर हुड़दंग काटा था। घटना के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग हुई थी, जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध समेत दो लोगों की गोली लगने से जान चली गई थी। पुलिस ने अभी तक इस मामले में चार गिरफ्तारियां की हैं, जिसमें चमन, देवेंद्र, आशीष चौहान व सतीश शामिल हैं। इन चारों पर सिंह की हत्या का आरोप है। हालांकि, मुख्यारोपी योगेश राज फरार है, जो कि बजरंग दल का कार्यकर्ता है।

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