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बुलंदशहर केस पर बोले CM योगी आदित्यनाथ- हिंसा शरारती तत्वों की साजिश थी, हमने की बेनकाब

बकौल योगी, "प्रदेश सरकार सख्ती के साथ ऐसे तत्वों से निपटेगी। प्रदेश में कानून का राज होगा। बुलंदशहर की घटना में शासन व प्रशासन निधि ने सख्ती से कार्रवाई की है।"

Bulandshahr Case, Bulandshahr Violence, Yogi Adityanath, CM, UP, BJP, Violence, Plot, Unsocial Elements, Government, UP Police, Fail, Yogi Adityanath News, Bulandshahr News, UP News, State Newsउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फोटोः पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुलंदशहर हिंसा शरारती तत्वों की साजिश थी। हमारी सरकार ने उसे बेनकाब कर दिया। विरोधियों को इसके लिए प्रदेश सरकार की तारीफ करनी चाहिए। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया, “साजिश वही कर रहे हैं, जिन्होंने प्रदेश में जहरीली शराब बनाकर यहां के लोगों को मारने का प्रयास किया। यह राजनीतिक षडयंत्र था। इसे वे करते है, जो कि किसी चुनौती का सामना करने की स्थिति में नहीं है। पैरों के नीचे की जमीन खिसकती देख एक-दूजे को गले लगाने का प्रयास कर रहे हैं। वे निर्दोष लोगों को साजिश का शिकार बनाना चाहता है, पर प्रदेश सरकार ऐसा नहीं होने देगी।”

बकौल योगी, “प्रदेश सरकार सख्ती के साथ ऐसे तत्वों से निपटेगी। प्रदेश में कानून का राज होगा। बुलंदशहर की घटना में शासन व प्रशासन निधि ने सख्ती से कार्रवाई की है। कानून के दायरे में रहते हुए प्रदेश सरकार ने बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। जो गोकशी के जरिए दंगा कराना चाहते थे, उनके मंसूबे ध्वस्त हुए हैं। जो इस पर बयानबाजी कर रहे हैं, वे अपनी विफलता छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें सरकार की सराहना करनी चाहिए।”

सुनें क्या बोले CM योगीः 

हिंसा के दौरान मारे गए स्थानीय सुमित के परिजन बुधवार को लखनऊ में सीएम योगी से मिले, जिन्होंने सुमित को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई। उन्होंने इसके अलावा कहा- जिस तरह इंस्पेक्टर के परिवार वालों को आर्थिक मदद दी गई, वैसे भी हमें भी मुआवजा दिया जाए।

बता दें कि तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना गांव में गोकशी की अफवाह पर भीड़ ने जमकर बवाल काटा था। पुलिस थाने के आसपास तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। दूसरे मृतक का नाम मामले से जुड़ी एफआईआर में शामिल था। जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को सौंपी गई थी। वहीं, पुलिस कुल चार लोगों को इस केस में गिरफ्तार कर चुकी है।

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