विधानपरिषद में उठा गरीबों को कंबल न बांटे जाने और कस्बों में अलाव न जलाने का मु्द्दा- BSP Raises the Legislative Council on the issue of not distributing blankets to the poor - Jansatta
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विधानपरिषद में उठा गरीबों को कंबल न बांटे जाने और कस्बों में अलाव न जलाने का मु्द्दा

प्रदेश विधान परिषद में गुरुवार को सपा ने ठंड शुरू होने के बाद भी अभी तक शहरों और कस्बो में अलाव न जलने व गरीबों को कंबल न बांटे जाने का मुद्दा उठाया।

Author लखनऊ | December 22, 2017 1:02 AM
उत्तर प्रदेश विधानसभा

प्रदेश विधान परिषद में गुरुवार को सपा ने ठंड शुरू होने के बाद भी अभी तक शहरों और कस्बो में अलाव न जलने व गरीबों को कंबल न बांटे जाने का मुद्दा उठाया। वहीं बसपा ने दिसंबर माह के करीब बीत जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अभी तक स्वेटर, जूते मोजे न बांटे जाने का मुद्दा उठाया। नेता सदन के जवाब से असंतुष्ट बसपा के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। परिषद में गुरुवार को शून्यकाल के बाद नेता विपक्ष समाजवादी पार्टी के अहमद हसन हर वर्ष सर्दी के मौसम में समस्त जिलाधिकारियों के जरिए जिलों में विभिन्न स्थानों पर गरीब निसहाय व्यक्तियों के लिए अलाव जलवाए जाते है।

जिला प्रशासन के जरिए रैनबसेरे का इंतजाम कर गरीबों को कंबल बांटे जाते है। विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में ठंड का असर बहुत ज्यादा है। आज 21 दिसंबर हो जाने के बाद भी प्रदेश के किसी जिले से अलाव जलने या कंबल बांटे जाने की कोई जानकारी नही है। सपा सदस्य शतरूद्र प्रकाश ने कहा कि सरकार गरीबों के प्रति संवेदनहीन हो गई है और सभापति से मांग है कि वह सदन की कार्यवाही रोककर इस पर चर्चा करवाए, क्योंकि यह प्रदेश के लाखों गरीबो से जुड़ा मामला है।

इस सवाल के जवाब में नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सदन को बताया कि सर्दी में अलाव कब जलाए जाए और कब कंबल बांटे जाएं, इसका निर्णय मौसम विभाग के मानकों के अनुसार होता है। सरकार ने नवंबर माह में ही प्रत्येक जिलाधिकारी को अलाव जलवाने और कंबल बांटने के लिए आवश्यक धनराशि जारी कर दी है। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि जैसे ही ठंड का प्रकोप बढ़े तो तुरंत सभी शहरों में अलाव जलवाए और गरीबो को कंबल बंटवाए। यदि अधिकारी इस काम में लापरवाही बरतेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बसपा नेता सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने वायदा किया था कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्वेटर जूते मौजे दिए जाएंगे। इसके लिए बजट में धन की व्यवस्था भी की गई थी।

दिसंबर माह आधा बीत गया है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के जरिए स्वेटर, जूते मोजे खरीदने की कोई प्रक्रिया अभी तक शुरू नही की गई है, जिससे ऐसा लगता है कि इस सत्र में बच्चों को यह नहीं मिल पाएगा। सवाल के जवाब में नेता सदन दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार पहले ही इस पर अपना पक्ष रख चुकी है कि स्कूलों के बच्चों को बांटने के लिए स्वेटर आदि की खरीद प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही बच्चों को यह सब सामग्री मिल जाएगी।

नेता सदन के जवाब से असंतुष्ट बसपा सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। परिषद में शिक्षक दल के ओम प्रकाश शर्मा, जगवीर किशोर जैन, हेम सिंह पुंडीर व अन्य सदस्यों ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां किए जाने के संबंध में सूचना दी। इस पर सभापति रमेश यादव ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार कर सूचना सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए संदर्भित की।

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