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मायावती ने दी हिंदू धर्म छोड़ने की धमकी, कहा-सुधर जाएं शंकराचार्य, भाजपा और संघ…

बसपा सुप्रीमो मंगलवार को आजमगढ़ में थीं। वह यहां 'रानी की सराय' में हुए कार्यक्रम में बसपा समर्थकों को संबोधित कर रही थीं।
बसपा सुप्रीमो मायावती। (फाइल फोटो)

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने हिंदू धर्म छोड़ने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि वह शंकराचार्य, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को हाशिए पर पड़े समाज के सुधार के लिए एक मौका देंगीं। अगर वे इसमें नाकाम रहे, तो फिर वह अंबेडकर के रास्ते पर चलेंगी। उन्होंने इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। वह बोलीं कि वह (योगी) तो मंदिरों में पूजा से फुर्सत मिलने के बाद ही विकास पर ध्यान देंगे।

मंगलवार को मायावती उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में थीं। वह यहां ‘रानी की सराय’ में आजमगढ़, वाराणसी और गोरखपुर के बसपा समर्थकों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा, “धर्म बदलने से पहले मैं शंकराचार्यों, हिंदू धर्म से जुड़ी संस्थाओं और भाजपा-आरएसएस को एक मौका दूंगी, ताकि वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग और धर्म बदलने वाले लोगों के खिलाफ समाज में जारी कुप्रथाएं और अत्याचार को खत्म करें। अगर वे इसमें नाकाम हुए, तो फिर मेरे पास अंबेडकर के रास्ते पर चलने के सिवाय और कोई रास्ता नहीं है।”

बसपा सुप्रीमो ने आगे यूपी के सीएम को उनकी कार्यप्रणाली को लेकर घेरा। आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ कैबिनेट स्तर पर बैठकें और फैसले तो लेते हैं, मगर उनको अमल में लाने पर वह नाकामयाब साबित होते हैं। पूजा-पाठ से उन्हें फुर्सत मिले, तो वह उन फैसलों पर अमल के बारे में भी सोच सकते हैं। वह या तो गोरखनाथ मंदिर में नजर आते हैं या फिर अयोध्या, मथुरा, काशी और चित्रकूट में होते हैं। बाकी राज्यों के मंदिरों में भी जाते हैं। यही वजह है कि विकास का मुद्दा पीछे चला गया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं है। वहीं, आपराधिक घटनाएं उनके शासन में समाजवादी पार्टी की सरकार से भी ज्यादा हुई हैं।

यही नहीं, मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने नोटबंदी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और चुनाव से पहले किए गए पीएम द्वारा एक चौथाई वादों को न पूरा कर पाने के लिए उन्होंने मोदी की आलोचना की।

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