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UP By Polls के बाद मायावती ने कर दी मुनकाद अली की छुट्टी! भीम राजभर को बनाया BSP का नया प्रदेश अध्यक्ष

बसपा की तरफ से भीम राजभर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की वजह राजभर समुदाय में पार्टी की पकड़ को मजबूत करना बताया जा रहा है। इससे पहले पार्टी अंबेडकर नगर के रामअचल राजभर को भी प्रदेशाध्यक्ष बना चुकी है।

bsp, mayawati, bhim rajbharमायावती ने ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी। (फाइल फोटो)

यूपी में हुए उपचुनाव में बसपा के खराब प्रदर्शन का पहला खामियाजा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को भुगतना पड़ा। पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष मुनकाद अली को पद से हटा दिया। बहुजन समाज पार्टी अध्‍यक्ष एवं पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने भीम राजभर को अपनी पार्टी की उत्‍तर प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की।

मायावती ने रविवार को ट्वीट किया कि ‘‘राजभर समाज के पुराने, कर्मठ, अनुशासित सिपाही एवं मऊ निवासी भीम राजभर को बसपा उत्‍तर प्रदेश राज्‍य इकाई का नया प्रदेश अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया है। उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं”। अभी तक राज्‍यसभा के पूर्व सदस्‍य मेरठ निवासी मुनकाद अली बसपा के प्रदेश अध्‍यक्ष थे। पार्टी की तरफ से भीम राजभर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की वजह राजभर समुदाय में पार्टी की पकड़ को मजबूत करना बताया जा रहा है।

पार्टी को उम्मीद है कि इससे पूर्वांचल में निर्णायक भूमिका वाले राजभर समुदाय को साधना रणनीतिक रूप से काफी अहम होगा। इससे पहले पार्टी ने अंबेडकर नगर के रामअचल राजभर को भी प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी। नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे वरिष्ठ नेता के बसपा छोड़ने के बाद मुस्लिम समाज को अपने साथ जोड़ने के लिए ही मायावती ने मुनकाद अली को अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भीम राजभर के पिता छत्तीसगढ़ में नौकरी करते थे। इनके परिवार में इनसे पहले कोई भी राजनीति में नहीं रहा है। भीम राजभर 2012 में मऊ विधानसभा सदर से बीएसपी के टिकट पर चुनाव भी लड़े चुके हैं। वर्तमान में पार्टी ने इन्हें बिहार प्रदेश में चुनाव का प्रभारी भी बनाया था। राजभर मऊ जनपद के इंदारा के रहने वाले हैं। यह घोसी विधानसभा क्षेत्र में आता है। पार्टी में राजभर की छवि ईमानदार कार्यकर्ता की है।

हाल में हुए विधानसभा उपचुनाव में बसपा का प्रदर्शन 2017 के मुकाबले कमजोर रहा है। उपचुनाव में बसपा सात विधानसभा क्षेत्रों में से सिर्फ एक सीट पर दूसरे स्‍थान पर रही, जबकि 2017 में हुए आम चुनाव में इन सात में से तीन सीटों पर दूसरे स्‍थान पर थी। यह अलग बात है कि बसपा इन सातों में से 2017 में भी कोई सीट जीत नहीं सकी थी।

उपचुनाव में बांगरमऊ, देवरिया, टूंडला, बुलंदशहर, नौगांव सादात और घाटमपुर सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को और मल्‍हनी सीट पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली है। उपचुनाव के परिणाम में बसपा सिर्फ बुलंदशहर में दूसरे स्‍थान पर रही, जबकि 2017 में बसपा के उम्‍मीदवार बुलंदशहर, टूंडला और घाटमपुर में दूसरे नंबर पर थी।

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