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गुजरात विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ेगी और सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी।

Author नई दिल्ली | September 23, 2017 1:57 AM
बहुजन समाजवादी पार्टी प्रमुख मायावती (File Photo)

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ेगी और सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने राज्य विधानसभा चुनाव में बसपा की तैयारियों के बारे में पत्रकारों को बताया कि पार्टी इस साल होने वाले चुनाव के लिए तैयार है और शनिवार से प्रचार अभियान की शुरुआत होगी। पार्टी प्रमुख मायावती गुजरात के बडोदरा में रैली कर पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगी।
समान विचारधारा वाले दलों से चुनाव पूर्व गठबंधन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बसपा अकेले चुनाव लड़ेगी। इस बारे में न तो पार्टी की तरफ से किसी अन्य दल से कोई बातचीत की गई है और न ही किसी दल की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव मिला है। बसपा ने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर द्वारा बडोदरा रियासत में छुआछूत के खिलाफ अपनी नौकरी छोड़ने के 100 साल पूरे होने के अवसर पर यहां महासंकल्प शताब्दी महारैली आयोजित करने का फैसला किया है।

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कुछ दिन पहले ही मायावती ने मोदी सरकार के खिलाफ बयान दिया था। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने पड़ोसी देश म्यांमा में अशान्ति व हिंसा के कारण भारत में शरणार्थी बनकर पनाह लेने वाले हजारों अत्यन्त गरीब और असहाय रोंहिग्या मुसलमान परिवारों के प्रति संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त करते हुये भारत सरकार से कहा कि उनके प्रति मानवता एवं इंसानियत के नाते सख्त रवैया नहीं अपनाना चाहिये और नाहीं राज्यों को इसके लिये मजबूर किया जाना चाहिये।

मायावती ने आज यहां एक बयान में कहा कि म्यांमा के सीमावर्ती राज्य में अशान्ति के कारण लाखों रोंहिग्या मुसलमानों ने बंगलादेश में शरण लिया है तथा कई हजार भारत के विभिन्न राज्यों में भी शरणार्थी बनकर रह रहे हैं। उनके प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार का रवैया पूरी तरह से स्पष्ट नहीं होने के कारण असमंजस की स्थितिबनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन शरणार्थियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपना चाहिये जैसा कि भारत की परम्परा रही है। साथ ही, म्यांमा एवं बांगलादेश की सरकार से वार्ता करके रोंिहग्या मुसलमानों के मामले को सुलझाने का प्रयास करना चाहिये ताकि उनका पलायन रुक सके।

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