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ब्रिक्स की महिला सांसदों के सम्मेलन में आतंकवाद सहित कई मुद्दे उठे

ब्रिक्स देशों की महिला सांसदों के सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसे कई मुददों की गूंज रही।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (पीटीआई फाइल फोटो)

ब्रिक्स देशों की महिला सांसदों के सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसे कई मुददों की गूंज रही। इसमें पांच देशों की 42 महिला सांसदों ने एक सुर में महिलाओं की समस्याओं और उन्हें दूर करने की बातें उठाई। सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने किया और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी इस मौके पर मौजूद थीं। राजस्थान विधानसभा में शनिवार को दो दिन के ब्रिक्स महिला सांसदों के सम्मेलन में ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता जताई तो ब्राजील की एक सांसद ने आतंकवाद का मसला भी उठाया। सम्मेलन में कहा गया कि इन सभी मसलों पर महिलाओं को भी जूझना पड़ रहा है। इसलिए इनसे लड़ने के लिए महिलाओं को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। महिला सांसदों का मानना था कि इसके समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर एक दूसरे की मदद भी बेहद जरूरी है।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने राजस्थान की महिलाओं और लोगों की कई मामलों में जमकर तारीफ करते हुए उनसे सीखने की सलाह भी दी। महाजन का कहना था कि राजस्थान में कई बार अकाल पड़ा और सूखे की स्थिति भी रही। उन्होंने गांवों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद कई जगह एक टैंकर पानी की भी जरूरत नहीं पड़ी। गांव के लोगों ने चौका व्यवस्था बना रखी है जिससे पानी का संग्रह बना रहता है। उनका कहना था कि यहां के लोगों में सीखने का जज्बा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। इसलिए इसका सबसे ज्यादा नुकसान भी महिलाओं को उठाना पड़ता है। उन्हें रसोई में खाना बनाने से लेकर र्इंधन-पानी यानि सब तरह के कामों में परेशानी हो जाती है। गरीबी से निपटने के लिए मजबूती से काम करना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों को मजबूती देने के मकसद से ही कार्यक्रम बनाए हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों में विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इन देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक असमानता जैसे विषय ब्रिक्स देशों के बीच साझा चुनौतियां हैं। जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए महिलाएं अपने परंपरागत तरीकों को अपना सकती हैं। उनका कहना था कि हमारी संस्कृति और विरासत की कीमत पर विकास स्थाई नहीं हो सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में राजस्थान से सीख लेने की सलाह देते हुए पेड़ों की रक्षा के लिए कुर्बान होने वाली अमृता देवी बिश्नोई का भी जिक्र किया।

उद्घाटन सत्र के बाद हुए तकनीकी सत्र में ब्राजील की एक महिला सांसद ने आतंकवाद का मुददा भी उठाया। यह तय एजंडे में शामिल नहीं था। उनका कहना था कि दुनिया में आतंकवाद का असर सबको प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सभी देशों से मिलकर इस मुददे पर आवाज उठाने को कहा। सम्मेलन में भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रिका से आई महिला सांसद हिस्सा ले रही हैं।

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