पालघर में एक डॉक्टर की पिटाई से जुड़े मामले में शिवसेना ने पालघर जिले के सात नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया। इन नेताओं में पालघर जिले के शिवसेना जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं।

शिवसेना द्वारा जारी किए गए एक प्रेस नोट में कहा गया है कि शिवसेना के सातों पदाधिकारियों को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के निर्देश पर पार्टी से सस्पेंड किया गया है। प्रेस नोट में शिवसेना के इन सभी पदाधिकारियों द्वारा दिखाई गई अनुशासनहीनता की वजह से यह निर्णय लिया गया है।

किसे-किसे पार्टी से सस्पेंड किया गया?

शिवसेना ने यह एक्शन पालघर में दही हांडी ‘गोविंदा’ के इलाज को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा एक डॉक्टर से मारपीट को लेकर लिया है। पार्टी के फैसले के अनुसार, पालघर जिला प्रमुख कुंदन बालकृष्ण संखे, शहर प्रमुख राहुल रामदास घरत, मनीष उर्फ विक्की संखे, साईराज पाटिल, रोहित गावी, राहुल संखे और ऋषभ वारे शामिल हैं।

पुलिस ने शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख को गिरफ्तार किया

इस मामले में इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख राहुल घरात को गिरफ्तार किया। इसके एक दिन बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित करने का ऐलान किया। पालघर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर किशोर महानुभाव ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद राहुल घरात को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

क्या है मामला?

यह मामला पालघर के रिलीफ अस्पताल में घायल दही हांडी प्रतिभागियों (गोविंदाओं) के इलाज के बकाया बिल को लेकर हुए हंगामे से जुड़ा है। रविवार तड़के 15 से 20 लोगों का एक समूह, जिन्हें शिवसेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बताया गया है, जबरन अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड और आईसीयू में घुस गया था।

आरोप है कि समूह में शामिल राहुल घरात ने अस्पताल के एक कर्मचारी को थप्पड़ मारा, जबकि शिवसेना के पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे और अन्य लोगों ने डॉक्टरों को धमकाया तथा भर्ती एक मरीज को जबरन बाहर ले गए। पुलिस ने सांखे, घरात और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित समेत 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

उन पर भारतीय न्याय संहिता और ‘महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस’ अधिनियम के तहत मारपीट, आपराधिक धमकी, अनधिकृत प्रवेश, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी अस्पताल के बिलिंग काउंटर संभालने वाले विवेक बाबुलिंगा की शिकायत पर दर्ज की गई। (इनपुट – ANI / PTI)

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मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। कल एक और घटना हुई। वही समूह था। फिर से डॉक्टरों पर हमला किया।” पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।