तमिलनाडु के सेलम जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने को लेकर हिंसा और पथराव की घटना हुई है। इसमें पांच लोग घायल हो गए। यह घटना सेलम जिले के ओधियाथुर गांव में हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और लाठीचार्ज भी किया। पूरे इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार देर रात को विवाद उस समय शुरू हुआ जब कुछ स्थानीय लोगों ने हाल ही में लगाई गई आंबेडकर की प्रतिमा के उद्घाटन का विरोध किया।
प्रतिमा में आंबेडकर को एक पैर दूसरे पर रखकर बैठे हुए दिखाया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव के हालात बन गए। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने दखल दिया। सूत्रों ने बताया कि तनाव कम करने के लिए प्रशासन ने प्रतिमा को अस्थायी रूप से टिन की चादरों से ढक दिया। दूसरे पक्ष ने प्रतिमा को ढके जाने का विरोध किया और टिन की चादरें हटा दीं। इससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
सूत्रों ने बताया कि जब अफसर प्रतिमा को दोबारा ढकने के लिए मौके पर पहुंचे तो प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया। थोड़ी देर में ही प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने और हालात पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
पुलिस ने बताया कि इस दौरान हुई झड़प में पांच प्रदर्शनकारी घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस अफसरों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ओधियाथुर गांव में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने दंगा करने के आरोप में मामला दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
