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दिल्‍ली पहुंच गए हैं हजारों किसान, योगी से बातचीत फेल, सीमाएं सील कर धारा 144 लागू

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेंश टिकैत ने कहा कि हम अपनी समस्याएं सरकार को नहीं बताएंगे तो किसे बताएं? क्या हमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जाना चाहिए?

Author October 2, 2018 10:06 AM
किसान क्रांति यात्रा के दौरान दिल्ली-यूपी बार्डर पर पहुंचे किसान (Photo: ANI)

भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित ‘किसान क्रांति पदयात्रा’ दिल्ली-यूपी बार्डर तक पहुंच चुकी है। इस रैली में करीब 30 हजार किसानों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ये सभी किसान ऋण माफी, कम कीमत पर बिजली सहित 21 सूत्री मांग कर रहे हैं। इसमें यूपी के साथ-साथ हरियाणा के किसान भी शामिल हैं। इस पदयात्रा का शुरूआत 23 सितंबर को हरिद्वार से हुई थी। सोमवार (1 अक्टूबर) को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से वार्ता विफल होने के बाद किसान दिल्ली कूच पर अड़ गए। दिल्ली में किसानों के प्रवेश को रोकने के लिए पुलिस ने धारा 144 लागू कर दिया है। साथ ही दिल्ली-यूपी बार्डर को सील कर दिया है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई। भारी संख्या में सुरक्षाबल को तैनात किया है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के रहने वाले रमेश यादव, जो हरिद्वार में शुरूआत के समय से ही जुड़े हुए हैं, कहते हैं, “किसानों के बीच आक्रोश है। आखिर वे यूं हीं इतने दिनों तक पदयात्रा क्यों करेंगे? सबसे हम स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करवाना चाहते हैं। देश में डीजल, पेट्रोल, बिजली की कीमत बढ़ने से किसान पूरी तरह लाचार हो गए हैं। और तो और अब सरकार ने यह फरमान जारी कर दिया है कि 10 साल से पुराने ट्रैक्टर भी खेतों में नहीं ले जाया जा सकता है। हम नए ट्रैक्टर खरीदने के लिए पैसे कहां से लाएंगे? कई किसानों को गन्ने का बकाया राशि नहीं मिला है। किसानों के हालात दिनों दिन खराब होते जा रहे हैं।” वहीं, हरियाणा के कैथल के किसान 61 वर्षीय सतपाल दिलोवली कहते हैं, “हम प्रतिदिन करीब 25 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं। ट्रैक्टर के नीचे, फुटपाथ पर और खेतों में सो रहे हैं। पहले तीन दिन हमने भारी बारिश का सामना किया और उसके बाद तीखी धूप का।” इस पूरे मार्च पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत कहते हैं, “यदि हमें दिल्ली में प्रवेश करने से रोका जाता है तो हम उन्हें रोकेंगे।”

एएनआई के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेंश टिकैत ने कहा, “हमें यूपी-दिल्ली बार्डर पर रोक दिया गया है। जबकि यह रैली पूरी तरह से अनुशासित है। यदि हम अपनी समस्याओं के बारे में सरकार को नहीं बताएंगे, तो किसे बताएंगे। क्या हमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जाना चाहिए?

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