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उद्धव ठाकरे के शपथ समारोह पर बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज- ‘ध्यान रखें, आगे से ऐसा न हो’, वर्ना…

अदालत ने कहा, ‘‘दरअसल होगा यह कि यह (कार्यक्रम आयोजन) एक परंपरा बन जाएगा और फिर हर कोई इस तरह के कार्यक्रमों के लिए मैदान का इस्तेमाल करना चाहेगा।’’ अदालत ने शपथ ग्रहण समारोह में लाखों लोगों के शामिल होंने की संभावना को देखते हुये ही सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

Author मुंबई | Published on: November 27, 2019 7:51 PM
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह शिवाजी पार्क में आयोजित करने पर बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुरक्षा संबंधी चिंता जताई और कहा कि सार्वजनिक मैदानों पर इस किस्म के कार्यक्रमों को आयोजित करने का यह नियमित सिलसिला नहीं होना चाहिए। न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति आरआई छागला की खंडपीठ ने कहा कि अन्यथा हर कोई इस तरह के कार्यक्रम के लिए मैदान को इस्तेमाल करना चाहेगा। ठाकरे बृहस्पतिवार शाम को छह बजकर 40 मिनट पर शिवाजी पार्क में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह कल होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं।

अदालत गैर सरकारी संगठन ‘वीकम ट्रस्ट’ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले में सवाल उठाया गया कि शिवाजी पार्क खेल का मैदान है या मनोरंजन का स्थल। इस पर अदालत ने कहा, ‘‘कल के कार्यक्रम के बारे में हम कुछ नहीं कहना चाहते…हम केवल यह प्रार्थना कर रहे हैं कि कुछ अप्रिय न घटे।’’ अदालत ने कहा, ‘‘दरअसल होगा यह कि यह (कार्यक्रम आयोजन) एक परंपरा बन जाएगा और फिर हर कोई इस तरह के कार्यक्रमों के लिए मैदान का इस्तेमाल करना चाहेगा।’’ अदालत ने शपथ ग्रहण समारोह में लाखों लोगों के शामिल होंने की संभावना को देखते हुये ही सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

अदालत ने कहा, ‘‘आपको (प्रशासन) सुरक्षा के पहलू पर भी गौर करना होगा। आप हर किसी के जीवन को जोखिम में नहीं डाल सकते। ’’ अदालत ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह कल होने वाला है जिसके लिए तैयारी आज शाम से शुरू हो जाएगी। इसका मतलब है कि पार्क आज (बुधवार) और कल (बृहस्पतिवार) दोनों ही दिन सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं होगा।’’ इसी संगठन की जनहित याचिका पर वर्ष 2010 में उच्च न्यायालय ने इस क्षेत्र को ‘साइलेंस जोन’ घोषित कर दिया था।

अदालत ने कहा कि शिवाजी पार्क में कार्यक्रम केवल छह दिसंबर (बीआर आंबेडकर की बरसी), एक मई (महाराष्ट्र का स्थापना दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को ही आयोजित किया जा सकता है। हालांकि राज्य सरकार और मुंबई महानगर पालिका ने वर्ष में 45 दिन मैदान पर गैर खेल गतिविधियों के आयोजन की इजाजत देने का निर्णय लिया है। पीठ अब इस मामले पर 12 दिसंबर को सुनवाई करेगी। अदालत ने शिवाजी पार्क में गैर खेल गतिविधियों को इजाजत देने संबंधी नीतियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

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