BMC reuslts: Congress denies to support Shiv Sena for mayor post - बीएमसी की उलझी गुत्थी: मेयर को लेकर शिवसेना और भाजपा ने किया दावा, कांग्रेस का समर्थन से इनकार - Jansatta
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बीएमसी की उलझी गुत्थी: मेयर को लेकर शिवसेना और भाजपा ने किया दावा, कांग्रेस का समर्थन से इनकार

बृहन्‍मुंबई महानगरपालिका चुनाव नतीजों में शिवसेना 84 सीटों के साथ नंबर वन और भाजपा 82 सीट के साथ नंबर दो थी।

बृहन्‍मुंबई महानगरपालिका चुनावों में किसी भी पार्टी को स्‍पष्‍ट बहुमत ना मिलने के बाद अब राजनीतिक जोड़तोड़ और अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

बृहन्‍मुंबई महानगरपालिका चुनावों में किसी भी पार्टी को स्‍पष्‍ट बहुमत ना मिलने के बाद अब राजनीतिक जोड़तोड़ और अटकलों का दौर शुरू हो गया है। चुनाव नतीजों में शिवसेना 84 सीटों के साथ नंबर वन और भाजपा 82 सीट के साथ नंबर दो थी। दोनों पार्टियां अपना-अपना मेयर बनाने के दावे कर रही हैं। वहीं कांग्रेस 31 सीटों के साथ राजनीतिक अटकलों के मध्‍य में है। खबरें हैं कि वह अंदरखाने मेयर के लिए शिवसेना का समर्थन कर सकती है। ऐसी अटकलें कांग्रेस नेता नीलेश राणे के बयान के बाद और तेज हो गई हैं। लेकिन मुंबई कांग्रेस अध्‍यक्ष संजय निरुपम और वरिष्‍ठ नेता गुरुकांत कामत ने इससे इनकार किया है। पूर्व मुंबई कांग्रेस प्रमुख गुरूदास कामत ने कहा, ‘‘बीएमसी में शिवसेना से किसी तरह का गठबंधन करने या उसे परोक्ष समर्थन देने पर किसी तरह की चर्चा का मैं कड़ा विरोध करता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘मैं बीएमसी में शिवसेना के साथ किसी तरह का गठजोड़ किये जाने या उसे परोक्ष समर्थन देने के विचार मात्र पर कड़ी आपत्ति जताता हूं। कांग्रेस ने दोनों भगवा दलों की विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ चुनाव लड़ा और अगर पार्टी उनके साथ गठजोड़ की कोशिश करेगी तो लोग कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे। उन्हें (भाजपा-शिवसेना) खुद उनकी समस्याएं सुलझाने दें और इस प्रक्रिया में उनका पर्दाफाश होने दें और सत्ता के लिए लालच को सामने आने दें। मैंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी अपने विचारों से अवगत करा दिया है।’’ उनके बयान के बाद वर्तमान अध्‍यक्ष संजय निरुपम ने कहा, ”हमने फैसला किया है डिप्‍टी मेयर के चुनाव में कांग्रेस पार्टी शिवसेना के साथ नहीं जा रही है। कुछ शिवसेना नेता हमारे पास आए थे। हमने साफतौर पर कह दिया कि हम ऐसी साम्‍प्रदायिक पार्टी के साथ हाथ नहीं मिला सकते तो जाति व धर्म के आधार पर राजनीति करती हो।”

इधर शिवसेना अभी भी अपना मेयर बनाने का दावा कर रही है। पार्टी के राज्‍यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि मेयर केवल शिवसेना से ही होगा। नौ मार्च तक इंतजार कीजिए। उन्‍होंने समर्थन के लिए कांग्रेस से बात करने से भी इनकार किया। वहीं महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि भाजपा किसी भी कीमत पर कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। जो कोई (शिवसेना) उनके साथ जाना चाहे जा सकता है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि कांग्रेस स्‍वार्थ के लिए महाराष्‍ट्र सरकार को गिराना चाहती है। वे शिवसेना और भाजपा को प्राकृतिक साथी भी बता चुके हैं और नतीजों के बाद से दोनों के साथ आने की बात कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बीएमसी चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूट गया था। भाजपा चुनावों में 80 के करीब सीटें मांग रही थी जबकि शिवसेना 60 सीट ही देना चाहती थी। इसके बाद 20 साल बाद दोनों पार्टियां मुंबई निकाय चुनावों में एक दूसरे के खिलाफ लड़ी। भाजपा ने 82 और शिवसेना ने 84 सीटें जीती। भाजपा को इन नतीजों में ढाई गुना का फायदा हुआ। 2012 के चुनावों में उसे केवल 31 सीट मिली थी। वहीं अन्‍य नगर निकायों में भी भाजपा ने नौ में से सात जीते हैं।

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