बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 80,952.56 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय का प्रस्ताव रखा, जो 2025-26 के मुकाबले 8.77 प्रतिशत अधिक है। बीएमसी के आयुक्त भूषण गगरानी ने बजट पेश किया जिसमें पूंजीगत व्यय के लिए 48,164.28 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। यह राशि 2025-26 के मुकाबले 11.59 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 32,698.44 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जो 2025-26 के 28,257.91 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से लगभग 15.71 प्रतिशत अधिक है। बजट में अनुमानित राजस्व आय 51,510.94 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो सालाना आधार पर 19.35 प्रतिशत अधिक है। संपत्ति कर राजस्व, जो बीएमसी की आय के प्रमुख स्रोतों में एक है, 2026-27 के लिए 7,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2025-26 में 6,200 करोड़ रुपये था। 

मुंबई नगर निगम प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग का 4248.08 करोड़ रुपये का बजट बुधवार (25 फरवरी 2026) को पेश किया। चालू वित्त वर्ष के संशोधित बजट की तुलना में यह 573.98 करोड़ रुपये का इजाफा है। बजट में आगामी वर्ष में राष्ट्रीय विद्यार्थी सेना, अंग्रेजी भाषा प्रयोगशाला, विज्ञान पार्क, पर्यावरण संरक्षण आदि विभिन्न गतिविधियों को क्रियान्वित करने का संकल्प लिया गया है।

महानगरपालिका के मराठी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती, कन्नड़, तेलुगु और तमिल इन आठ माध्यमों की 931 प्राथमिक स्कूलों में कुल 2,76,115 विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए पालिका स्कूलों में कुल 7,453 शिक्षक कार्यरत हैं।

स्कूलों की गुणवत्ता और शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में विशेष पहल शुरू की गई है जिसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है। आने वाले साल में विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पाठ, दिव्यांग छात्रों हेतु थेरपी सामग्री, शैक्षणिक भ्रमण, खगोलशास्त्र प्रयोगशाला, अत्याधुनिक बैठक व्यवस्था, स्कूलों का उन्नयन और पुनर्निर्माण, साथ ही पॉक्सो कानून पर मार्गदर्शन जैसे उपक्रम चलाए जाएंगे।

स्कूलों के अपग्रेड के लिए 340 करोड़ का प्रावधान

अगले वर्ष स्कूलों की मरम्मत, अपग्रेड, पुनर्निर्माण और नए निर्माण से जुड़े कुल 57 कार्य पूरे किए जाएंगे जबकि बचे काम अगले साल पूरे होंगे। इसके लिए बजट में 340 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए महानगरपालिका ने इस वर्ष छात्रों में ड्रग्स और नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को कम उम्र में ही पर्यावरण का महत्व समझाने और टिकाऊ आदतें विकसित करने के उद्देश्य से कक्षा 5 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘ईको वॉरियर्स’ शैक्षणिक पुस्तकों के साथ पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस पहल के तहत छात्र पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाना, कचरे का पुन: इस्तेमाल, ईंट निर्माण तथा अपशिष्ट पदार्थों से उपयोगी वस्तुएं तैयार करना सीखेंगे। इसके लिए बजट में 12.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महानगरपालिका के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विशेष (दिव्यांग) स्कूलों में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिए विभिन्न प्रकार की थेरेपी उपलब्ध कराई जाती है। इन थेरेपी को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत महापालिका की 55 स्कूलों में प्रायोगिक आधार पर खगोलशास्त्र प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में 40 और स्कूलों में ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जाएंगी जिसके लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महानगरपालिका स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से हर वर्ष शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक विभाग हेतु 6.07 करोड़ रुपये और माध्यमिक विभाग के लिए 19 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

बेस्ट के जरिए मुफ्त बस सेवा; 9 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को ‘चलो कार्ड’ वितरित

कई वर्षों से अभिभावकों और शिक्षा कार्यकर्ताओं की मांग थी कि विद्यार्थियों को बेस्ट के माध्यम से मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाए। इसी के तहत महानगरपालिका ने कक्षा 1 से 10 तक के गणवेशधारी विद्यार्थियों को उनके घर से स्कूल तक बेस्ट बस से मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की है। जिन मार्गों पर नियमित बेस्ट बस सेवा उपलब्ध नहीं है, वहां विशेष बस सेवा शुरू की गई है। इस योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 (जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक) में प्राथमिक स्कूलों के 6,018 और माध्यमिक स्कूलों के 3,609, कुल 9,627 विद्यार्थियों को ‘चलो कार्ड’ वितरित किए गए हैं।

महानगरपालिका स्कूलों के विद्यार्थियों में पढ़ने और स्व-अध्ययन की आदत विकसित करने तथा भाषाई कौशल बढ़ाने के लिए स्कूल पुस्तकालयों को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत पुस्तकालयों में शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही मूलभूत सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।