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असम: नेत्रहीन भिखारी ने नाबालिग बेटी का 4 महीने तक बलात्‍कार किया, पड़ोसियों ने पकड़ा फिर हो गया फरार

पड़ोसियों ने इस मामले में दो दिन पहले आरोपी भिखारी को पकड़ा लिया था, जिसके बाद उन्होंने मिलकर उसकी खूब धुनाई की थी। पुलिस के हवाले करने के बजाय भीड़ ने पिटाई के दौरान उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)

देश के उत्तर पूर्वी राज्य असम से बलात्कार का एक सामने आया है। यहां एक नेत्रहीन भिखारी ने अपनी ही नाबालिग बेटी का चार महीने तक बलात्कार किया। पड़ोसियों को जब इस बारे में पता लगा तो उन्होंने उसे धर दबोचा। मगर वह बाद में किसी तरह फरार हो गया। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

यह मामला यहां के लखीमपुर का है। सोमवार (23 अप्रैल) को पुलिस ने इस बारे में बताया कि भिखारी ने अपनी 10 वर्षीय बेटी को हवस का शिकार तब बनाया था, जब उसकी पत्नी उसे छोड़कर घर से चली गई थी।

पड़ोसियों ने इस मामले में दो दिन पहले आरोपी भिखारी को पकड़ा लिया था, जिसके बाद उन्होंने मिलकर उसकी खूब धुनाई की थी। पुलिस के हवाले करने के बजाय भीड़ ने पिटाई के दौरान उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था।

रविवार (22 अप्रैल) की रात वीडियो क्लिप का स्थानीय महिला संगठन ने पुलिस को संज्ञान दिलाया। फिलहाल पीड़िता समेत उसका भाई स्थानीय संगठन की देखरेख में हैं, जबकि पुलिस फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।

वहीं, एक अन्य मामले में पुलिस ने अधेड़ शख्स को छह वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म करने के आरोप में रविवार शाम तिनसुकिया जिले के तिपोंग इलाके से गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय शेखर अली के रूप में हुई है।

असम में ये इस तरह के पहले मामले नहीं हैं, जिनमें नाबालिगों को दरिंदों ने अपना निशाना बनाया हो। 18 अप्रैल को गुवाहाटी में एक सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उसने 10 साल के एक मासूम के साथ कुकर्म करने का प्रयास किया था।

नागांव जिले में पिछले महीने यहां पर 11 साल की बच्ची का तीन लोगों ने गैंगरेप किया गया था, जिसमें दो नाबालिग शामिल थे। दरिंदों ने वारदात के बाद पीड़िता को जिंदा जला दिया था। यह मामला उन्नाव और कठुआ गैंगरेप मामलों की तरह ही बेहद संवेदनशील माना गया था।

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